आरोपी दो दिन तक फसल काटते रहे। दोबारा थाने गई तो दरोगा कुलदीप ने कहा कि जब फसल ले जाएं तब वीडियो बनाकर फोन करना। 8 मार्च की शाम सात बजे भतीजी के साथ खेत पहुंची तो आरोपी बाइक से सरसों ढोते मिले। आरोपियों की बहन बबली भी कार लेकर वहीं खड़ी थी। शिवानी ने दरोगा को कई बार फोन किया। फोन उठाते ही यह कहकर काट दिया कि अभी बाहर हूं।
112 नंबर पर फोन के बाद पुलिस खेत के पास कछार पहुंची। एक सिपाही ने उन्हें थाने चलने को कहा और खुद बबली की कार में बैठ गया। आरोप है कि भतीजी के साथ पैदल जाते वक्त युवती ने उन्हें टक्कर मार दी। वह वहीं बेहोश हो गईं। पुलिसकर्मियों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
तीन दिन लगाती रही थाने के चक्कर
शिवानी का आरोप है कि इलाज के बाद तीन दिन रोज घरवालों के साथ कैंट थाने गई, जहां दरोगा कुलदीप उपाध्याय ने तहरीर बदलने का दबाव डाला। इंस्पेक्टर से भी नहीं मिलने दिया। फूलपुर सांसद केसरी देवी पटेल ने जब नाराजगी जताई तब पांच दिन बाद विजयराज यादव, उसके तीन भाइयों और बहन बबली के साथ पांच अज्ञात के खिलाफ एफआईआर लिखी गई। इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने बताया कि एफआईआर दर्ज करके प्रकरण की जांच की जा रही है।