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नाव न चलने पर स्नानार्थी परेशान, भड़के नाविक

Wed, 15 Jan 2014 05:43 AM IST
Allahabad
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। कुंभ में करोड़ों श्रद्धालु संगम में डुबकी लगाने पहुंचे, उस दौरान भारी भीड़ के बावजूद मेला प्रशासन को नावों के संचालन में किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई, लेकिन माघ मेला के पहले स्नान पर्व मकर संक्रांति पर प्रशासन ने नावें नहीं चलने दी। प्रशासन के इस फैसले से नाविकों के सामने रोजी का संकट खड़ा हो गया, जबकि नावों का संचालन बंद होने से स्नानार्थियों को संगम तक पहुंचने में दिक्कत झेलनी पड़ी। यह हाल तब है, जब सांसद रेवती रमण सिंह ने प्रशासन को माघ मेला के दौरान नावों का संचालन न बंद करने का निर्देश दिया था। मंगलवार को बीज निगम के अध्यक्ष उज्ज्वल रमण सिंह ने भी इस मामले में डीएम राजशेखर से फोन पर बात की लेकिन उन्होंने भीड़ का हवाला देकर नावों का संचालन बंद करने की बात कही।
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कुंभ के मुकाबले माघ मेले में मंगलवार को पहले स्नान पर्व मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं की भीड़ आधे से भी कम थी। इसके बावजूद नावों का संचालन बंद होने से नाविकों में जबरदस्त नाराजगी है। सपा पिछड़ा वर्ग के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं नाविक संघ से जुड़े पप्पू लाल निषाद का कहना है कि मेला और जिला प्रशासन की मनमानी के कारण बलुआघाट, गऊघाट, इमली घाट, बोट क्लब, मिंटो पार्क, सरस्वती घाट, अरैल घाट से नाव नहीं चलने दी गई। नाविकों को साल के कुछ दिनों में कमाई का मौका मिलता है लेकिन प्रशासन की ओर से नावों का संचालन बंद होने के कारण नाविकों के सामने रोजी का संकट खड़ा हो गया।
उनका कहना है कि नाविकों ने माघ मेला के दौरान नावों के संचालन की मांगों को लेकर पूर्व में सांसद रेवती रमण सिंह से मुलाकात की थी। उस दौरान सांसद ने डीएम को नावों का संचालन जारी रखने का निर्देश दिया था। श्री निषाद ने आरोप लगाया कि भीड़ कम होने के बावजूद प्रशासन ने सांसद के निर्देश को नहीं माना। घाटों से नावों का संचालन न होने के कारण बड़ी संख्या श्रद्धालु संगम तक पहुंचने के लिए परेशान रहे। उन्होंने अन्य स्नान पर्वों पर नाव के संचालन की मांग की।
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