सेक्टर-दो में बने 100 बेड के केंद्रीय चिकित्सालय की माइनर ओटी में अब तक 945 श्रद्धालुओं का मौके पर इलाज किया गया। इसमें करीब 400 लोगों को प्लास्टर चढ़ाया गया। माइनर ओटी के इक्का-दुक्का मरीजों को स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय रेफर किया गया। इसके अलावा 20 मरीजों की मेजर ओटी भी की गई। अस्पताल में 29 दिसंबर से माइनर ओटी शुरू हुई थी।
मेले में आने वाले कई श्रद्धालु धक्का-मुक्की और अन्य कारणों की वजह से चोटिल हुए। आमतौर पर गंभीर चोटिल मरीजों को एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया जाता है, लेकिन अस्पताल में माइनर ओटी की बेहतर व्यवस्था होने से मरीजों का तुरंत इलाज किया गया।
ओटी में 400 मरीजों को प्लास्टर चढ़ाया गया। इसमें कई मरीजों के कलाई, हाथ, पैर व पसली की हड्डी में फ्रैक्चर पाया गया। इसके अलावा कई मरीजों के गंभीर रूप से कटे-फटे का इलाज भी माइनर ओटी में किया गया।
वर्ष 2019 कुंभ के दौरान जहां हड्डी फ्रैक्चर होने पर कई मरीजों को एसआरएन अस्पताल के लिए रेफर किया गया था। वहीं इस बार एक भी मरीज को एसआरएन अस्पताल रेफर नहीं किया गया।
माइनर और मेजर ओटी में चिकित्सकों ने मौके पर मरीजों का उचित इलाज किया। इस वजह से माइनर ओटी से इक्का-दुक्का मरीजों को ही एसआरएन अस्पताल के लिए रेफर किया गया है। - डॉ. मनोज कौशिक, प्रमुख अधीक्षक, केंद्रीय चिकित्सालय, महाकुंभ नगर