सूची जारी होने के बाद शिकायतों का दाैर शुरू हो गया। कई विद्यालयों में मानकों के अनुसार संसाधन उपलब्ध नहीं है, फिर भी उनको केंद्र बना दिया गया है। वित्तविहीन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने ज्यादा शिकायतें की हैं। उनकी आपत्ति है कि 20 से 25 किमी की दूरी पर केंद्र बनाए दिए गए हैं। मानक के अनुसार 12 किमी से कम दूरी पर केंद्र बनाया जाना था।
विद्यालय नहीं होने की स्थिति में 15 किमी दूर भी बनाया जा सकता है।
छात्राओं का केंद्र सात किमी की परिधि वाले विद्यालय में ही दिया जाना है। ऑनलाइन शिकायतें बृहस्पतिवार रात तक डीआईओएस के पोर्टल पर पहुंच गई हैं। इन शिकायतों के निस्तारण के लिए जिलास्तरीय कमेटी बनाई गई है। कमेटी जांच करके 23 नवंबर इसका निस्तारण करेगी।
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि 27 नवंबर तक जनपदीय केंद्र निर्धारण समिति से छात्र आवंटन सहित केंद्रों का अनुमोदन हो जाएगा। दो दिसंबर तक फिर से आने वाली आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा और सात दिसंबर तक केंद्र निर्धारण प्रक्रिया पूरी होगी।