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फतेहपुर बिछुआ में ध्वस्त किए 52 कच्चे, पक्के मकान, झोपड़ियां उजाड़ीं, विरोध, नोकझोंक 

Sat, 09 Jan 2021 12:52 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
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जार्जटाउन के फतेहपुर बिछुआ इलाके में शुक्रवार को पीडीए और नगर निगम की संयुक्त कार्रवाई में तालाब के रूप में दर्ज भूमि पर बने 52 कच्चे-पक्के मकान और कई झोपड़िया ध्वस्त करा दीं। कई महिलाएं बच्चो साथ जेसीबी के सामने आईं, जिन्हें महिला पुलिस कर्मियों ने हटाया। कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने जबदस्त विरोध किया पर पुलिस ने उन्हें हटा दिया। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चार बार बाधित हुई पर पांच घंटे में करीब साठ परिवारों को बेघर कर दिया गया। 
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फतेहपुर बिछुआ में तालाब की भूमि का विवाद पुराना है। यहां के रहने वाले जमीन खुद की बताते हैं, जबकि सरकारी विभाग यहां के निमाणों को अतिक्रमण के रूप में चिह्ति किया था। दिन में करीब 11 बजे नगर निगम का अतिक्रमण दस्ता और पीडीए का प्रवर्तन दल अफसरों-कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचा। मौके पर आठ थानों की फोर्स और पीएसी बल भी महिला पुलिस कर्मियों के साथ मुस्तैद रहा। छावनी बने इलाके में जेसीबी से एक के बाद निर्माण ध्वस्त किए जाने लगे। 

कार्रवाई के दौरान चीख पुकार मची रही। महिलाओं के विरोध से अफसर कई बार असहज हुए और कार्रवाई में थोड़ी देर के लिए बाधित हुई। स्थानीय नेताओ के साथ बेघर हो रहे लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया। नोकझोंक और धक्कामुक्की तक की नौबत आई। इस बीच पुलिस ने हवा में ठंडे भी चलाए फिर जेसीबी से भवनों के ध्वस्तीकरण का काम जारी रहा। लोगों ने मौके परअफसरों को जमीन और मकान संबंधी कागज दिखाने चाहे पर उनकी एक न सुनी गई। 
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अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में शामिल पीडीए के प्रवर्तन दल प्रभारी आलोक कुमार पांडेय, नगर निगम के अपर नगर आयुक्त मुशीर अहमद, नजूल अधीक्षक अशोक मिथिलेश, प्रभारी नजूल राजकुमार गुप्ता, उप प्रभारी अतिक्रमण मनोज कुमार अन्य कर्मचारियों के साथ शामिल रहे। 

टूटा आशियाना, अब खुले में बीतेगी जाड़े की रात

फतेहपुर बिछुआ इलाके में शुक्रवार को अचानक हुई कार्रवाई में करीब 60 परिवार बेघर हो गए। मौके पर अफसरों ने उनकी एक न सुनी। कहा गया कि सरकारी जमीन है, अतिक्रमण हटाया जा रहा है। लोग कार्रवाई के दौरान अपना सामान समेटते रहे। अधिकतर लोगों का सामान मलबे में दब गया। अब आशियाना टूटने के बाद लोग बच्चो के साथ खुले में रहने को मजबूर हैं। कुछ लोगों को स्थानीय लोगों ने जाड़े से बचाव के लिए मदद की । कुछ ने अपने परिचितों और रिश्तेदारों के यहां शरण ली।

बिना बसाए उजाड़ना नियम विपरीत कार्रवाई

फतेहपुर बिछुआ इलाके में कई वर्षों से रह रहे लोगों को अतिक्रमण के नाम पर हटाने की कार्रवाई का नागरिक संघर्ष मोर्चा, पार्षद-पूर्व पार्षद संघर्ष समिति ने विरोध किया है। मोर्चा संयोजक शिवसेवक सिंह ने कार्रवाई को नियम विपरीत बताया। उन्होंने कहाकि यहां रह रहे लोगों को बिना बसाने की व्यवस्था किए उजाड़ना असंवैधानिक है। उन्होंने कहाकि जिन लोगों के घर तोड़े गए हैं, उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत डूडा और ऑनलाइन आवेदन किया है। उन्हें अब तक छत दी नहीं गई लेकिन छीन ली गई।
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