गंगा-यमुना के लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच कानपुर गंगा बैराज से छोड़ा जा रहा करीब 2.95 लाख क्यूसेक पानी प्रयागराज के लिए चिंता बढ़ाने वाला है। बैराज में पानी के बढ़ते दबाव की वजह से सभी 30 गेट खोल दिए गए हैं।
बुधवार को कानपुर बैराज से 2,91,413 क्यूसेक पानी छोड़ने की सूचना है। केंद्रीय जल आयोग की ओर से रात आठ बजे जारी आंकड़ों के अनुसार, नैनी में यमुना का जलस्तर पांच और गंगा का छतनाग में छह व फाफामऊ में चार सेमी बढ़ा। यमुना नैनी में 79.94 मीटर, गंगा फाफामऊ में 80.43 मीटर और छतनाग में 79.53 मीटर पहुंच गई। एसटीपी बक्शी बांध पर भी जलस्तर 80.09 मीटर दर्ज किया गया, हालांकि सभी बंधे सुरक्षित बताए गए हैं।
खतरे के निशान से 4.30 मीटर नीचे लेकिन बढ़त जारी
प्रयागराज में बाढ़ का खतरे का निशान 84.734 मीटर है। बुधवार रात आठ बजे फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 80.43 मीटर पहुंच गया। यानी खतरे के निशान से करीब 4.30 मीटर नीचे है लेकिन लगातार हो रही बढ़ोतरी और ऊपरी क्षेत्रों से आने वाले पानी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
संगम और कछारी इलाकों पर बढ़ सकता है दबाव
कानपुर बैराज से छोड़ा गया पानी गंगा की धारा के साथ आगे बढ़ेगा। प्रयागराज पहुंचने पर इसका असर संगम क्षेत्र में भी पड़ेगा। गंगा-यमुना के जलस्तर में लगातार वृद्धि के बीच कछारी क्षेत्रों और नदी किनारे बसे निचले इलाकों पर पानी का दबाव बढ़ने की आशंका है।
प्रयागराज में बुधवार रात आठ बजे नदियों की स्थिति
- खतरे का निशान : 84.734 मीटर
- गंगा फाफामऊ : 80.43 मीटर (+04 सेमी)
- यमुना नैनी : 79.94 मीटर (+05 सेमी)
- छतनाग : 79.53 मीटर (+06 सेमी)
- एसटीपी बक्शी बांध : 80.09 मीटर (+04 सेमी)
- पिछले 24 घंटे में बढ़ोतरी : नैनी 59 सेमी, छतनाग 57 सेमी, फाफामऊ 36 सेमी