विकास भवन के अफसर पूरी तरह मनमानी पर उतारू हैं। शासन की सख्ती के बाद भी वह समय से कार्यालय आने के लिए तैयार नहीं हैं। बुधवार को सीडीओ के निरीक्षण में विकास भवन से आठ अफसरों के साथ ही 22 कर्मचारी गायब मिले। पीओ पवन कुमार यादव, डीसी मनरेगा अजय कुमार पांडेय, दिव्यांग कल्याण अधिकारी राम प्रसाद सिंह, अल्पसंख्यक अधिकारी एसएन तिवारी, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ज्योति द्विवेदी, सहायक अभियंता विक्रमाजीत, मत्स्य पालन कार्यकारी अधिकारी केके शुक्ला, जिला समन्वयक वंदना सिंह अपने दफ्तर में नहीं मिलीं। सभी से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
मुख्य सचिव के निर्देश पर सीडीओ अश्विनी कुमार पांडेय बुधवार को सुबह 10.20 बजे विकास भवन का निरीक्षण करने पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने सभी विभागों का जायजा लिया। श्रम रोजगार कार्यालय में तैनात एपीओ कल्पना, पशुपालन विभाग में गजाला अंजुम और अल्पसंख्यक विभाग में मो. सलीम 21 नवंबर से गायब मिले। विभागीय अफसरों की मिलीभगत से इन कर्मचारियों को चार दिन से अनुपस्थित नहीं किया गया था।
निरीक्षण में डीपीआरओ कार्यालय के शिवम अवस्थी, प्रवीण शुक्ला, दिवाकर सिंह, श्रम रोजगार कार्यालय के शशिप्रकाश शुक्ला, अशरफ खां, अल्पसंख्यक विभाग में उमेशचंद्र, प्रदीप विश्वकर्मा, अजय पांडेय, कृषि विभाग में राजेश कुमार सिंह, मत्स्य पालन में नीलम भारतीय, कार्यक्रम विभाग में एनएन सिंह, रामखेलावन पटेल, पशुपालन में सुरेश प्रसाद, आरईडी में अशोक कुमार द्विवेदी, संजीव गुप्ता, मो. रजी, रामबहादुर सिंह, पिछड़ावर्ग में जिज्ञासा चौरसिया, सुरेश सिंह गायब मिले। जबकि दुग्ध विभाग में ताला लटकते मिलने पर सीडीओ अश्विनी कुमार पांडेय ने गायब अफसरों और कर्मचारियों से जवाब तलब किया है।
बंदी के बावजूद स्कूल खुलने पर जांच करने पहुंचे बीईओ
जिले में कक्षा आठ तक के स्कूलों को बंद करने का आदेश है। इसके बाद भी क्षेत्र के रामापुर गांव में बुधवार को एक स्कूल के खुले होने की शिकायत पर बीईओ जांच करने पहुंच गए। बीईओ स्कूल पहुंचे तो बच्चे निकलकर भागने लगे। स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के लिए आई शिक्षिकाएं भी किनारा काटकर निकल गईं। खंड शिक्षा अधिकारी सुशील कुमार कनौजिया ने बताया कि स्कूल के खिलाफ कार्रवाई के लिए बीएसए को पत्र लिखा जा रहा है।