नगर कोतवाली इलाके में जानलेवा हमले के मामले में वांछित चल रहे 25 हजार के ईंनामी बदमाश को एसटीएफ ने दबोच लिया। उसके पास से तमंचा और कारतूस बरामद हुआ। एसटीएफ ने उसे कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया। पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
नगर कोतवाली के दासीपुर चिलबिला निवासी परवेज खान पुत्र नसीम उर्फ बाबू ने एक साल पहले महुली निवासी गुड्डू सिंह के ऊपर जानलेवा हमला किया था। इस मामले में वह काफी दिनों से फरार चल रहा था। कोतवाली पुलिस ने उसके ऊपर 25 हजार का इनाम घोषित किया था। एसटीएफ प्रयागराज की टीम भी उसकी तलाश में लगी थी।
अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नीरज पांडेय के पर्यवेक्षण में टीम के सदस्यों ने मंगलवार की रात चिलबिला रोड विद्युत केंद्र के करीब से परवेज को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से तमंचा-कारतूस, बाइक व 450 रुपये बरामद हुआ। पूछताछ में परवेज खान ने बताया कि वह चोरी व स्मैक बेचने का काम साथियों के साथ मिलकर करता है।
महुली के गुड्डू उर्फ दीपक सिंह ने कई बार चोरी का सीमेंट उसके साथी इस्तेखार उर्फ छुरीबाज से लिया था। गुड्डू के कहने पर बाराबंकी से स्मैक लाकर दिया। रुपये के लेनदेन में गुड्डू से विवाद हुआ था। इसे लेकर अपने साथी इस्तेखार निवासी खमपुर व जावेद निवासी पिपरी खालसा के साथ मिलकर गुड्डू सिंह को गोली मारी थी। घटना के बाद तीनों मध्य प्रदेश, दिल्ली व गुजरात भाग गए थे। वर्ष 2012 में कोलकाता से लौटते समय अमेठी में ट्रक लूटा था। चिलबिला चौकी प्रभारी ने लिखापढ़ी कर उसे जेल भेज दिया।