सीसीटीवी में दिखने वाला कोई भी शूटर आज तक हाथ नहीं आया है। पुलिस ने घटना वाली शाम ही यह पता लगा लिया था कि शूटर कौन हैं, उनके घर कहां, उनके मोबाइल और सोशल मीडिया एकाउंट तक पुलिस को पता चल गए थे लेकिन शातिर शूटरों को पकड़ा नहीं जा सका। पुलिस ने शूटरों के नजदीकी रिश्तेदारों को उठाकर दबाव बनाने की कोशिश की। अतीक के कुछ करीबियों के घर भी गिराए गए लेकिन शूटर हाथ नहीं आए।
इस बीच कई बातें पता चलीं जैसे घटना के बाद सारे शूटर क्रेटा कार से चकिया पहुंचे थे। यहां उन्होंने कार खड़ी की। असद समेत चार शूटर चकिया से तुरंत निकल गए। दो शूटरों ने चकिया में मुन्ना नाम के शख्स के घर में रात काटी। वे सुबह मुन्ना के चचेरे भाई की बाइक लेकर भागे। यानी घटना वाली रात पुलिस जब अतीक के घर तथा अन्य जगहों पर छापेमारी कर रही थी, उस समय दो शूटर वहीं मौजूद थे। फिलहाल प्रयागराज से लेकर नेपाल तक छापे मारे गए। एसटीएफ ने शूटरों को पकड़ने के लिए सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा थी। लेकिन आज तक सीसीटीवी में दिखने वाले असद, गुड्डू मुस्लिम, गुलाम, अरमान और साबिर नहीं मिल पाए।