उमेश पाल की हत्या के लिए असद ने अपनी ओर से फुल प्रूफ प्लानिंग बनाई थी। उसे मालूम था कि हत्याकांड के बाद पुलिस का ध्यान सबसे पहले मोबाइल पर ही जाएगा। उसने तय किया कि इस कांड के लिए जो भी बात होगी, वह नए मोबाइल से होगी। वह भी आईफोन से। क्योंकि आईफोन में तमाम ऐसे फीचर हैं, जिसकी रिकवरी नहीं हो सकती। जिन शूटरों को हत्या करनी थी, उन्हें दो दो आईफोन दिए गए थे। कहा गया था कि एक प्रयोग वे हत्या से पहले करेंगे। हत्या के बाद वे पहला मोबाइल नष्ट कर दूसरे फोन का प्रयोग करेंगे। सिर्फ और सिर्फ इंटरनेट काॅलिंग से बात होगी।
अब तक दो आईफोन हो चुके हैं बरामद
पुलिस ने अब तक दो आईफोन बरामद किए हैं। पहला आईफोन रेकी करने वाले मो. सजर के पास से और दूसरा फोन अतीक के ध्वस्त घर के मलबे से। सजर के पास मिले आईफोन के बाद पुलिस को पता चल गया था कि आईफोन कटरा से खरीदे गए थे। व्यापारी के बेटे को पकड़ कर पुलिस ने पूछताछ की है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि व्यापारी के बेटे और असद के कैसे संबंध थे। उसका भी कॉल डीटेल्स खंगाली गई है। 16 मोबाइल में लगने वाले सिम जिन आईडी पर खरीदे गए थे,उनकी तलाश की जा रही है।