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राशन कार्ड बड़ी नियामत, अमीरों पर इनायत.. गरीबों पर कयामत

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बरेली। लतीफ मियां की मौत के बाद शाही में राशन कार्ड बनाने में हुई धांधली की एक-एक कर परतें खुलने लगी हैं। शाही नगर पंचायत क्षेत्र में गरीबों को ठेंगा दिखाकर जिन लोगों के हाथ में अंत्योदय और पात्र गृहस्थी राशन कार्ड थमाए गए हैं, उनमें तमाम लोग ऐसे हैं जिनके पास पक्के मकान और दुकानें ही नहीं एकड़ों जमीन, ट्रैक्टर, कार जैसी संपत्तियां मौजूद हैं। फिर भी नगर पंचायत और पूर्ति विभाग ने नियमों को दरकिनार करते हुए बिना जांच किए गरीबों का हक मारकर इनके राशन कार्ड बना दिए हैं।
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अंत्योदय कार्ड अत्यंत गरीब और बेसहारा लोगों के बनाए जाते हैं। शाही नगर पंचायत में कुल राशन कार्ड धारों की संख्या 1895 है, जिनमें चार दर्जन अपात्रों की सूची पिछले दिनों कुछ लोगों ने प्रमाणों समेत शासन को भेजी थी। शासन से इस पर जांच के आदेश भी हो चुके हैं, लेकिन कमिश्नर, डीएम और जिला पूर्ति अधिकारी से होते हुए यह जांच भी उसी पूर्ति निरीक्षक की रद्दी की टोकरी में पड़ी है, जिस पर आरोप लगाए गए थे। शाही से सटे खजुरिया गांव में भी बड़े पैमाने पर अपात्रों के राशन कार्ड बनाए गए हैं, जिसकी शिकायत स्थानीय नेता योगेश शर्मा ने तीन जून को डीएम से की थी। ऐसे अपात्रों की सूची भी उन्होंने डीएम को सौंपी थी, जिनके पास पक्के मकान, खाद की दुकान और कई एकड़ जमीन है। इनमें कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो नौकरीपेशा हैं और सरकार से वेतन ले रहे हैं। इस पर भी डीएम ने जांच के आदेश दिए थे, अब तक यह शिकायत भी पूर्ति कार्यालय स्तर पर लंबित पड़ी है।

घोटालेबाज कोटेदार को फिर मिल गया कोटा
ज्वालापुर में सैकड़ों फर्जी राशन कार्ड बनवाकर सालों तक हड़पा राशन, 70 लोगों पर थे दो-दो कार्ड

शाही। सेवा ज्वालापुर गांव में वर्ष 2015 में कुल 639 राशन कार्ड थे, जिनका उपयोग दो साल तक कोटेदार करता रहा। अपने पिता की मृत्यु के बाद कोटेदार उनके नाम का भी राशन सात साल तक लेता रहा। ग्राम पंचायत की खुली बैठक में इस धांधली का खुलासा हुआ तो ग्राम प्रधान संतोष ने अगस्त 2017 में इसकी शिकायत की। जांच हुई तो 639 में 538 ही पात्र मिले। 70 लोगों के नाम से दो-दो राशन कार्ड पाए गए। ऐसे तमाम अपात्र जिनके पास कार, बंदूक का लाइसेंस, पक्के मकान, ट्रैक्टर आदि थे, उनके नाम सूची से काटे गए। कोटेदार ने अपने नौकर का भी फर्जी राशन कार्ड बनवा रखा था। पूर्व प्रधान चंद्रवती और कलावती का नाम राशन कार्ड की लिस्ट से कटने के कुछ समय बाद फिर शामिल कर लिए गए। कुंवरसेन और कोटेदार बीरबल के पास ट्रैक्टर होने के बावजूद उनका नाम राशन कार्ड की लिस्ट से नहीं काटा गया। बीरबल का कोटा जरूर निलंबित कर दिया गया। उसकी ओर से दाखिल किए गए दो शपथ पत्र भी फर्जी पाए गए थे। 28 अप्रैल 2018 को ग्राम पंचायत की खुली बैठक में कोटा आशा देवी के नाम आवंटित कर दिया गया, लेकिन राजनीतिक दबाव में कुछ ही समय बाद आशा देवी का कोटा निरस्त कर फिर बीरबल को दे दिया गया। इसकी शिकायत ग्राम प्रधान संतोष ने सात जनवरी और नौ मई को एसडीएम से की थी, जिस पर कोई सुनवाई नहीं हुई। 25 अप्रैल को एक शिकायत डीएम पोर्टल पर भी की गई है।
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शिकायत की तो मृत बताकर बंद कर दिया राशन
प्रधान संतोष के साथ ही गांव के डोरी लाल ने मामले की शिकायत अधिकारियों से की थी। कोटेदार ने अधिकारिओं को गुमराह करते हुए डोरीलाल को मृतक दर्शा दिया था। इसके बाद डोरीलाल ने कमिशनरी कोर्ट में जीवित होने का शपथ पत्र दिया। तब उन्हें जीवित माना गया।

साहब! राशन कार्ड में गड़बड़, आप क्यों बेखबर
शाही के लोगों के साथ एसडीएम से मिले भाजपा नेता
मीरगंज। शाही में राशन कार्ड की धांधली के मामले में मंगलवार को शाही के भाजपा मंडल अध्यक्ष मुकेश रस्तोगी और महामंत्री अनुरोध सिंह दर्जनों लोगों के साथ एसडीएम रोहित यादव से मिले। कोटा डीलर, नगर पंचायत और आपूर्ति कार्यालय के कर्मचारियों पर एक-एक हजार रुपये लेकर अपात्रों के राशन कार्ड बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पात्र लोग दर-दर की ठोंकरे खा रहे हैं। ऑनलाइन आवेदन के बाद भी कर्मचारी राशन कार्ड नहीं बना रहे। उन्होंने दर्जनों पात्रों की सूची एसडीएम को सौंपी और जांच की मांग की। कहा कि भाजपा सरकार की मंशा प्रत्येक गरीब को न्याय देने की है, लेकिन तहसील क्षेत्र में गरीबों का हक मारा जा रहा है। ब्यूरो

भाकियू ने कहा- सरकारी सिस्टम में ही माफियागर्दी
शीशगढ़। भाकियू भानु के जिलाध्यक्ष अरविंद सिंह कठेरिया के आवास पर हुई बैठक में राशन कार्ड में धांधली का मुद्दा छाया रहा। जिलाध्यक्ष ने कहा कि पूर्ति विभाग ने कस्बे में सैकड़ों अपात्र लोगों के कार्ड बना दिए हैं जबकि पात्र मारे-मारे घूम रहे हैं। उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। कहा कि सरकारी स्टाफ का नेटवर्क अपात्रों से एक हजार से 15 सौ रुपये तक वसूल कर कार्ड बना रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अब संगठन चुप नहीं बैठेगा। पात्रों को हक दिलाने के लिए वह हर मोर्चे पर लड़ाई ल़ड़ेगा।

महिला जागृति मंच की चेतावनी- सुधर जाओ वरना होगा उग्र आंदोलन
बरेली। राशन वितरण में फर्जीवाड़ा बंद करने के लिए मंगलवार को महिला जागृति मंच ने डीएसओ को ज्ञापन सौंपा। अध्यक्ष डॉ. मनु नीरज ने चेतावनी दी कि गरीबों का हक मारने का यह अभियान जल्द बंद न हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजना के तहत गरीबों को दो जून की रोटी मिलनी चाहिए लेकिन पूर्ति विभाग में फर्जीवाड़े का बोलबाला है। पिछले दिनों अफसरों ने बिना सर्वे किए कई राशन कार्ड निरस्त कर दिए। लोगों ने विभाग के कर्मचारियों से पूछा तो उन्होंने लखनऊ जाकर पता करने को कह दिया गया। गरीबों के बजाय यह विभाग अमीरों पर मेहरबान है। दूर-दराज से महिलाएं राशन कार्ड की जानकारी लेने आती हैं जिन्हें बगैर कोई जवाब दिए लौटाया जा रहा है। किला निवासी अंजुम को राशन देने के बाद कोटेदार ने राशन वापस लेने की शर्मनाक हरकत की लेकिन शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने डीएसओ को अनियमितता पर तत्काल रोक लगाने को कहा है।
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