गुंडा एक्ट के तीन हजार से ज्यादा मामले पिछले कई साल से लंबित पड़े थे। पुलिस आयुक्त न्यायालय ने इनका संज्ञान लेकर कार्रवाई शुरू की तो चौंकाने वाली बातें सामने आईं। पता चला कि इनमें से कई ऐसे कुख्यात आरोपियों के भी मामले हैं जो प्रत्यक्ष रूप से माफिया अतीक अहमद गैंग से जुड़े हैं।
गुंडा एक्ट कोर्ट में 14 कुख्यात आरोपियों ने पुलिस आयुक्त के समक्ष हाजिरी माफी की अर्जी लगाई है। इनमें अतीक के आईएस 227 गैंग के नौ अपराधी भी शामिल हैं। इनमें से कुछ नोटिस के पहले से तो कई कोर्ट का नोटिस मिलने के बाद सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं। ऐसे में फिलहाल उन्होंने कोर्ट के समक्ष उपस्थित होने में असमर्थता जताते हुए हाजिरी माफी मांगी है।
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गुंडा एक्ट के तीन हजार से ज्यादा मामले पिछले कई साल से लंबित पड़े थे। पुलिस आयुक्त न्यायालय ने इनका संज्ञान लेकर कार्रवाई शुरू की तो चौंकाने वाली बातें सामने आईं। पता चला कि इनमें से कई ऐसे कुख्यात आरोपियों के भी मामले हैं जो प्रत्यक्ष रूप से माफिया अतीक अहमद गैंग से जुड़े हैं। कई अन्य आपराधिक छवि के लोगों के बारे में भी पता चला। पुलिस आयुक्त रमित शर्मा की कोर्ट ने इन सभी के खिलाफ नोटिस जारी किया।
पता चला कि कुछ ऐसे हैं जो कार्रवाई लंबित रहने के दौरान पूर्व से ही जेल में हैं। जैसे अतीक गैंग का कुख्यात शूटर जुल्फकार उर्फ तोता पहले ही से जेल में निरुद्ध है। अतीक के ही एक अन्य कुख्यात शूटर आबिद व गुलहसन नोटिस जारी होने के दौरान ही राजू पाल हत्याकांड में दोषी करार दिए जाने के बाद जेल भेज दिए गए।
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इस तरह से कुल 14 ऐसे लोग सामने आए जो मौजूदा समय में जेल में हैं। इनमें अतीक गैंग के तोता, गुलहसन, आबिद, मुजफ्फर, अकरम, नियाज अहमद, मो. वारिस, अरशद शामिल हैं। इसके अलावा छह अन्य आरोपी भी जेल में हैं। ऐसे में इनकी ओर से गुंडा एक्ट कोर्ट में हाजिरी माफी की अर्जी दी गई है। अतीक गैंग के एक और शूटर अरमान के खिलाफ भी पूर्व से ही गुंडा एक्ट की कार्रवाई लंबित होने के कारण उसके खिलाफ भी नोटिस जारी किया गया है। हालांकि वह उमेश पाल हत्याकांड में वांछित है और उसकी तलाश की जा रही है।