चौफटका से बनने वाले दो लेन के फ्लाईओवर और फोर लेन के आरओबी की जद में आने वाले 139 पेड़ काटे जाएंगे जबकि आधा दर्जन घर जमींदोज होंगे। सेतु निगम की ओर से इन दोनों ही परियोजनाओं के लिए हुए सर्वे के दौरान ये बातें सामने आई हैं। विभाग ने सर्वे का काम पिछले हफ्ते पूरा किया है। रिपोर्ट सेतु निगम के मुख्यालय भेज दी गई है। अब वहां इसी सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आरओबी और फ्लाईओवर की डिजाइन तैयार की जाएगी।
सेतु निगम के अधिकारियों के मुताबिक तकरीबन दो लेेन के सात सौ मीटर लंबे फ्लाईओवर और 16 सौ मीटर लंबे फोर लेन के आरओबी के निर्माण के लिए काम शुरू हो गया है। मिट्टी की जांच होने के बाद सर्वे का काम पूरा कर लिया गया। इसके लिए लखनऊ से एक्सपर्ट्स टीम आई थी। टीम ने ड्रोन की मदद से सर्वे काम पूरा किया है।
सर्वे के दौरान यह पाया गया कि आरओबी और फ्लाईओवर के रास्ते में 139 पेड़ आ रहे हैं। इसके अलावा आधा दर्जन लोगों के मकान, एक गेस्ट हाउस, सूबेदारगंज स्थित रेलवे का ट्रेनिंग सेंटर का कुछ हिस्सा भी इसकी जद में है। नंदी चौराहे पर गैस पाइप लाइन, रेलवे कॉलोनी का सीवर लाइन, सैकड़ों की संख्या में विद्युत पोल, ट्रांसफार्मर आदि आ रहे हैं। इसके अलावा राजापुर, कालिंदीपुरम इलाके की सीवर लाइन भी कुछ स्थानों पर इसकी चपेट में हैं। उन्हें दूसरी तरफ से निकाले जाने की तैयारी है।
सेतु निगम के अधिकारियों के मुताबिक सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक काम शुरू होने से पूर्व संबंधित विभागों से एनओसी मांगी गई है। वन विभाग को भी पत्र भेजा गया है। इसके अलावा विद्युत निगम से रास्ते की जद में आने वाले पोल, ट्रांसफार्मर आदि को शिफ्ट करने के लिए खर्चे का ब्यौरा मांगा गया है। जिन लोगों के मकान आरओबी की जद में आ रहे हैं, उन्हें भी जल्दी ही नोटिस देने की तैयारी है। उन मकानों की कास्ट का आंकलन भी किया जा रहा है, जिससे कि मुआवजे का भुगतान हो सके।
सर्वे का काम पूरा होने के साथ ही सेतु निगम की एक्सपर्ट टीम की ओर से स्थलीय मुआयना भी कर लिया गया है। इसी के आधार पर टीम फ्लाईओवर और आरओबी की डिजाइन भी तैयार करेगी। बताया कि परियोजना पर काम शुरू करने के लिए शासन की ओर से 20 करोड़ रूपये का बजट भी जारी कर दिया गया है। यह बजट यहां आ गया है।
सेना से लेनी होगी एनओसी
सेतु निगम के अवर अभियंता बीके सिंह ने बताया कि आरओबी और फ्लाईओवर के निर्माण कार्य शुरू होने से पहले सेना की भी एनओसी लेनी है। आरओबी के रास्ते में सेना की भूमि आ रही है। उन्होंने बताया कि सेना से स्वीकृति लेने के लिए सारे रिकार्ड सौंप दिए गए हैं। सेना की एनओसी मिलने के बाद भौतिक स्तर पर आगे का काम शुरू किया जा सकेगा।