मास्को ओलंपिक में हॉकी के सेंटर फारवर्ड पद्मश्री जफर इकबाल ने अपने खेल का जलवा बिखेरा था और भारतीय हॉकी टीम ने स्वर्ण पदक जीता था। पद्मश्री जफर इकबाल ने टोक्यो ओलंपिक में खिलाड़ियों को पूरे दम-खम के साथ खेलने की सलाह दी।
अलीगढ़ में वर्ष 1956 में जन्मे पद्मश्री जफर इकबाल के पिता स्व. प्रोफेसर मोहम्मद शहाबुद्दीन अहमद एएमयू के रसायन विभाग के शिक्षक व विभागाध्यक्ष रहे। जफर इकबाल ने मिंटो सर्किल एएमयू से स्कूली शिक्षा ली। उसके बाद उन्होंने एएमयू जाकिर हुसैन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री ली। वर्ष 1980 में उन्होंने मास्को में ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए देश के लिए स्वर्ण पदक जीता। वर्ष 1984 में लॉस एंजिल्स, अमेरिका में ओलंपिक के उद्घाटन समारोह में पद्मश्री जफर इकबाल भारतीय टीम का तिरंगा लेकर का सम्मान मिला। वह भारतीय हॉकी टीम के राष्ट्रीय प्रशिक्षक रहे। उनके प्रशिक्षण में भारतीय हॉकी टीम ने वर्ष 1984 में हिरोशिमा में एशियाई खेलों में रजत पदक जीता। पद्मश्री जफर इकबाल ने बताया कि तिरंगा लेकर चलना उनके जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण था। उन्होंने कहा कि टोक्यो ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतने के लिए खिलाड़ी पूरी जान लगा देंगे।
भारत के लिए यह कम गौरवान्वित करने वाली बात नहीं है कि इस वर्ष ओलंपिक के प्रतिस्पर्धात्मक मानकों को पूर्ण कर बड़ी टीम चयनित हुई। निसंदेह हमारे खिलाड़ियों का प्रदर्शन शानदार होगा।
-मजहर उल कमर, अध्यक्ष, जिला ओलंपिक एसोसिशन, अलीगढ़