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विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस : मिलावटखोरी पर करें वार, पहले परखें फिर खाएं

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बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों में मिलावट का धंधा नहीं रुक रहा है। खाद्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो एक जनवरी से पांच जून 2022 तक 698 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए, जिसमें से 128 अधोमानक, 81 असुरक्षित, 44 मिस ब्रांड पाए गए। नमूने फेल होने पर 445 लोगों पर कार्रवाई की गई, जबकि एडीएम सिटी की कोर्ट से 1.87 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसके बावजूद मिलावटी व घटिया खाद्य पदार्थ बेचे जा रहे हैं। इसके सेवन से लोग बीमार पड़ रहे हैं। विभाग का कहना है कि अब लोगों को खुद जागरूक होना पड़ेगा। संदेह होने पर खाद्य पदार्थ को परखें और फिर उसका सेवन करें। हर साल सात जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य संतुलित और सुरक्षित खाद्य मानकों को बनाए रखना और जागरूकता फैलाना है।
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प्रयोगशाला में खुल रही मिलावट की पोल
एक जनवरी से पांच जून 2022 के बीच दूध, घी, पनीर, मावा, बेसन, मिर्च पाउडर, गरम मसाला समेत कई खाद्य पदार्थ जांच में खतरनाक मिले हैं। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीमों ने जिले भर में होटल, किराना की दुकानों, बेकरी, मिठाई की दुकान, डेयरी आदि स्थानों से 698 नमूने भरे थे। सरकारी प्रयोगशाला से जो रिपोर्ट आई है, उसमें दूध व घी भी मानक पर खरे नहीं उतरे हैं। शहर में फैट निकालकर दूध बेचा जा रहा है। इससे दूध में मौजूद पोषक तत्व जैसे कैल्शियम, मिनरल, कैलोरी की मात्रा कम हो जाती है। देसी घी में वनस्पति की मिलावट पाई गई है। मिर्च पाउडर, मिक्चर आदि मिस ब्रांड निकले। निर्धारित खाद्य तत्व में कमी और उसे पूरा करने के लिए केमिकल का उपयोग ज्यादा मात्रा में पाया गया है। गुटखा के नमूने भी गड़बड़ मिले हैं। पान मसाला व गुटखा में कत्थे के स्थान पर घातक केमिकल गैम्बियर मिला है। इसका उपयोग टेनरियों में चमड़े की टेनिंग में किया जाता है। इसके सेवन से स्वास्थ्य बिगड़ सकता है।
सजा के साथ जुर्माने का भी प्रावधान
सहायक आयुक्त खाद्य सर्वेश मिश्रा के अनुसार, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 तत्संबंधी नियमावली, विनियमावली 2011 का उल्लंघन किए जाने पर खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों को उम्रकैद की सजा और 10 लाख रुपये तक का अर्थदंड देने का प्रावधान है।
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जागरूकता से मिलावट से बचें
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के सहायक आयुक्त सर्वेश मिश्रा ने बताया कि उपभोक्ता थोड़ी सी जागरूकता दिखाकर मिलावट से बच सकते हैं। सरसों का तेल परखने के लिए उसे पानी के साथ मिलाकर हाथों पर रगड़ें। नकली होगा तो थोड़ी देर में रंग छोड़ देगा। आंखों में चुभन भी होगी। बेसन को पानी में डालकर छोड़ दें। नकली होने पर थोड़ी देर में रंग छोड़ देगा। दूध में चीनी मिलाकर कुछ देर के लिए छोड़ दें, नकली होने पर उससे केमिकल की गंध आएगी। उन्होंने कहा कि नमूना फेल होने पर आरोपी पर जुर्माना और सजा का प्रावधान है।
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यह है स्थिति -
- एक जनवरी से पांच जून तक लिए गए नमूने - 698
- जांच में अधोमानक - 128, असुरक्षित - 81, मिस ब्रांड - 44 ।
- नमूनों के फेल होने पर 445 लोगों पर हुई कार्रवाई।
- एडीएम सिटी कोर्ट से अर्थदंड - 1.87 करोड़ रुपये
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