24 मार्च को सुबह से ही महिलाएं होलिका के पास गईं और होलिका पूजन किया। साथ ही भक्त प्रहलाद की कथा भी कही। महिलाओं ने अपने परिवार के लिए सुख और समृद्धि मांगी। होलिका दहन रात्रि या 25 मार्च की तड़के सुबह किया जाएगा, जिसके बाद होली खेली जाएगी।
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जट्टारी कस्बे में कई जगहों पर होलिका रखी गई है। सुबह से होलिका का पूजन शुरू हो गया। महिलाओं ने विधिवत होलिका का पूजन कर जल अर्पित किया। गोबर के छोटे-छोटे उपले, नारियल आदि से परंपरागत रूप से होलिका का पूजन किया। होलिका की परिक्रमा की। होलिका और भक्त प्रहलाद की कथा भी सुनाई गई। लोगों में होली का उत्साह नजर आया। लोग एक-दूसरे को गुलाल और रंग लगाकर होली की बधाई देते नजर आए।