आज तक इस कंपनी की ओर से करार पर साइन के बाद कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसे लेकर परेशान उद्योग विभाग द्वारा कंपनी से संपर्क करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। कई बार मेल के जरिये संवाद हुआ है। मगर आज तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं आया। एक मर्तबा जरूर जमीन की जरूरत के संबंध में संवाद हुआ था। इसके बाद से फिर कंपनी की ओर से न तो किसी तरह का संपर्क किया गया और न उद्योग विभाग के किसी मेल का जवाब दिया गया है। इसे लेकर उद्योग विभाग के अधिकारी परेशान हैं।
बाकी अन्य निवेशकों से संपर्क व उनके करारों को धरातल पर लाने के प्रयास जारी हैं। समय समय पर उन्हें बुलाया जाता है। उनकी जरूरतें पूछी जाती हैं। उनमें कुछ जमीन तलाश रहे हैं तो कुछ सरकारी जमीन मांग रहे हैं। इस पर उद्योग विभाग के स्तर से सहयोग का भरोसा दिया जाता है। मगर अभी तक किसी तरह की ठोस योजना सामने नहीं आई है। अगर ये करार करने वाले निवेशक धरातल पर नहीं आते हैं और सबसे बड़े निवेश वाली कंपनी से संपर्क नहीं होता है तो यह इस समिट की अलीगढ़ प्रोजेक्ट की फजीहत ही होगी।
ये सही है कि अभी बड़े पैमाने पर करार करने वाले निवेशक अपना काम धरातल पर नहीं लाए हैं। उनसे बातचीत जारी है। सबसे बड़ी कंपनी ची प्राइम के स्तर से कोई न तो संपर्क नहीं किया जा रहा है। न हमारे स्तर से किए जा रहे प्रयास पर कोई जवाब दिया जा रहा है। मगर प्रयास जारी हैं।-वीरेंद्र कुमार, संयुक्त आयुक्त उद्योग