मानसून की पहली एक घंटे की बारिश ने शहर के कई इलाकों में जलभराव हुआ और नालों की सफाई के नगर निगम दावे उसमें डूब गए। आचार संहिता के बीच ही चुनाव आयोग की अनुमति के बाद नाला सफाई का टेंडर करा दिया गया था, लेकिन एक माह बाद भी सफाई अभियान पूरा नहीं हो पाया है। यह काम कब तक पूरा होगा..? इसका जवाब किसी के पास नहीं है। जो साफ हुए वे भी और जो नहीं हुए उनमें से भी शहर के कई नाले चोक हैं और नगर निगम जलनिकासी के इंतजाम नहीं करा पा रहा है। जिन इलाकों में नाला सफाई हो रही है, वहां भी जलभराव है।
नगर क्षेत्र में 225 छोटे और 20 बड़े नाले हैं। छोटे नालों की लंबाई 142 किमी, बड़े नालों की लंबाई करीब 32 किमी है। सात दिन पहले तक नगर निगम का दावा था कि 75 फीसदी सफाई हो चुकी है। मगर, सच यह है कि छोटे नालों की सफाई 15 अप्रैल से और बड़े नालों की सफाई 15 मई से हो रही है। जिस एजेंसी के पास सफाई का जिम्मा है, वह मथुरा रोड अलीगढ़ ड्रेन नाले को सौ फीसदी साफ करने का दावा करती है। आठ बड़े नालों पर 80 फीसदी काम पूरा करने की बात कहती है। इसके विपरीत प्रीमानसून की बारिश में हर जगह हुआ जलभराव इन दावों पर सवाल खड़े करता है।
नाला सफाई का सच
केस 1 - एटा चुंगी बाईपास में एक हफ्ते पूर्व नाले की सफाई की गई थी, लेकिन नाला कूड़े से अटा है।
केस 2 - कमालपुर रोड नाला कूड़े से अटा है। अभी तक पूरी सफाई नहीं हुई है। पानी रुका हुआ है।
केस 3 - क्यामपुर बाईपास से सटे नाले की अभी तक सफाई नहीं हुई है। सड़क पर जलभराव है।