बिटिया प्रकरण के बाद अब गांव की दिनचर्या धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है। गांव में शादियों की रौनक बिखरने लगी है। शादी की शहनाइयां भी बजने लगी हैं। शनिवार को एक परिवार में शादी हुई है। आज भी एक परिवार में शादी है।
उल्लेखनीय है कि बिटिया प्रकरण के बाद गांव में लोगों की आमद कम हो गई थी। लंबे समय तक पुलिस व प्रशासन ने बाहर के लोगों के आने-जाने पर प्रतिबंध लगा रखा था। गांव में केवल ग्रामीणों को ही प्रवेश दिया जा रहा था। इस कारण ग्रामीण अपने परिवार में शादी समारोह को लेकर चिंतित थे।
इस मामले में सीबीआई की जांच शुरू होने और परिवार को सीआरपीएफ की सुरक्षा देने के बाद गांव में बाहरी लोगों की आवाजाही पर कोई रोक नहीं रही है। लिहाजा ग्रामीणों की दिनचर्या फिर से पटरी से लौट रही है। गांव में शादियां भी शुरू हो गई हैं।
शनिवार को भी गांव के एक परिवार में शादी हुई। गांव से यह बरात हाथरस आई थी। अब गांव में कई परिवारों में शादी समारोह है। ग्रामीणों का कहना है कि अब गांव में लोग आ रहे हैं और उनके परिवारों में शादी समारोहों की तैयारियां भी चल रही हैं। बेटा और बेटी के लिए संबंध तय करने का दौर भी चल रहा है।
सीआरपीएफ की चौकसी बरकरार
न्यायालय के आदेश पर बिटिया के परिवार की सुरक्षा में सीआरपीएफ के जवान लगातार मुस्तैद हैं। सीआरपीएफ के जवान गांव में घूमकर भी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। बिटिया के परिवार में आने वाले हर व्यक्ति का पूरा ब्योरा एकत्रित किया जा रहा है। वहीं रविवार को सीबीआई की टीम भी गांव में नहीं पहुंची।