आयुष्मान कार्ड बनाने एवं परिवार कल्याण योजना की धीमी प्रगति पर डीएम ने नाराजगी जताई है। उन्होंने इसके लिए सीएमओ को जिम्मेदार मानते हुए चेतावनी जारी करने के आदेश दिए हैं। सरकारी विभागों का करोड़ों का विद्युत बिल बकाया होने के मामले में विद्युत विभाग के अफसरों को अन्य विभागों से तालमेल बनाकर बिल की वसूली करने के निर्देश दिए हैं।
विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में डीएम सेल्वा कुमारी जे ने कहा कि लाभार्थीपरक योजनाओं के प्रकरणों का निस्तारण तत्परता से करते हुए पात्रों को लाभान्वित किया जाए। जिलाधिकारी ने आयुष्मान कार्ड बनाए जाने एवं परिवार कल्याण योजना में शिथिल प्रगति पर सीएमओ को आड़े हाथ लिया। विभागीय योजनाओं में व्यक्तिगत रुचि लेकर क्रियान्वयन के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि किसी एक अधिकारी द्वारा लापरवाही या शिथिलता बरतने से जनपद की रैंकिंग पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
समीक्षा में पाया गया कि शीर्ष प्राथमिकता के 73 कार्यक्रमों में जनपद को वर्तमान में 51 कार्यक्रमों में ए श्रेणी प्राप्त है। 18 कार्यक्रम ऐसे हैं, जिन पर ग्रेडिंग लागू नहीं होती है। जिलाधिकारी ने ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत परिषदीय विद्यालयों में आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग को आवंटित धनराशि के सापेक्ष कार्यों को समय से पूर्ण करने के लिए कहा। अमृत योजना के कार्यों को समय से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, कन्या सुमंगला योजना, पेंशन, छात्रवृत्ति, मत्स्य पट्टा आवंटन, शादी अनुदान, पोषण अभियान, निवेश मित्र पोर्टल व एमएसएमई आदि योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
डीएम ने विद्युत विभाग को निर्देशित किया कि बकाया बिल की वसूली के लिए संबंधित विभाग से समन्वय बनाकर राजस्व वसूली करना सुनिश्चित करें। पशुपालन विभाग को निर्देशित किया कि गो संरक्षण केंद्रों पर खाने पीने के साथ ही शीत लहर से बचाव के उपाय किए जाएं। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी अंकित खंडेलवाल, जिला विकास अधिकारी भरत कुमार मिश्रा, पीडी भालचंद्र त्रिपाठी, जिला पूर्ति अधिकारी राजेश कुमार सोनी समेत अन्य अफसर मौजूद रहे।