ब्लॉक प्रमुख ने आरोप लगाते हुए कहा कि ये छर्रा विधायक के करीबी ठेकेदार हैं। टेंडर लेने आए थे। इनमें शामिल सुशील ठेकेदार पूर्व में भी कार्यालय पर बदसलूकी कर चुका है। गाली-गलौज व जातिसूचक शब्द बोल चुका है। उसके साथ उदयपाल, मुकेश, दीपक भी शामिल हैं। पुलिस ने चारों पर मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, हिरासत में लिए गए चार लोगों को शांति भंग में पाबंद किया है।
ठेकेदार पक्ष का कहना है कि हम लोग बीडीओ के पास गए थे। वहां पहले से कुछ ठेकेदार बैठे थे। टेंडर पर बात चल रही थी। इसी बीच पहुंचीं ब्लॉक प्रमुख ने आकर हंगामा किया। अपशब्द बोले, जबकि वे बीडीओ के बुलाने पर ही गए थे। ब्लॉक प्रमुख ने ये सब टेंडर से रोकने की साजिश के तहत किया है। इसमें बीडीओ भी उनकी साजिश में शामिल हैं। इंस्पेक्टर महुआ खेड़ा के अनुसार मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। ब्लॉक प्रमुख को पुलिस सुरक्षा में घर भेजा गया है।
ये रार कर रही राजनीतिक रंजिश की ओर इशारा
इस घटना में एक तरफ भाजपा के विधायक रवेंद्रपाल सिंह पर आरोप लग रहे हैं। उनके द्वारा यह सब किया जा रहा है। वह जिला भाजपा के एक खेमे से जुड़े हैं। इधर, इस घटना के बाद उनके विपरीत काम करने वाला जिला भाजपा का दूसरा खेमा ब्लाॅक प्रमुख के समर्थन मेंं पैरवी करता दिखा। इसके पीछे राजनीतिक रंजिश साफ इशारा कर रही है।
मैं अपने कार्यालय में बैठक ले रही थी। इसी बीच मैं बीडीओ दफ्तर में गई। तभी छर्रा विधायक रवेंद्रपाल सिंह के करीबी गुंडे आए और मेरे कार्यालय में घुसकर उत्पात किया है। यह मैं पहले बता चुकी हूं कि जाति विशेष के लोग मुझ अनुसूचित वर्ग की महिला को ब्लॉक प्रमुख रहने नहीं देना चाहते हैं। मगर इसमें मुझे प्रदेश सरकार से न्याय की उम्मीद है। - पूजा दिवाकर ब्लॉक प्रमुख।
मैं पहले दिन से कहता आ रहा हूं। इस मामले से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। मैंने बस अनियमितताओं की शिकायत की थी। उसके बाद से बेवजह मुझ पर आरोप लगाए जा रहे हैं। प्रशासन इस मामले में जांच कर देखे। -रवेंद्रपाल सिंह, विधायक छर्रा क्षेत्र।
31 जुलाई तक डाले जाने वाले टेंडरों के लिए विज्ञापन जारी हुआ था। इसी प्रक्रिया में कुछ लोग बीडीओ से मिलने गए थे। तभी ब्लॉक प्रमुख द्वारा कार्यालय में तोड़फोड़ की बात कही जा रही है। इस मामले में बीडीओ से रिपोर्ट मांगी गई है। - दीनदयाल वर्मा, प्रभारी सीडीओ।