जिले की खैर, अतरौली, कोल, छर्रा व इगलास विधानसभा क्षेत्र से पिछला चुनाव जीत चुके प्रत्याशी इस बार भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। ये वह प्रत्याशी हैं, जिन्हें जनता ने विधायक चुनने के साथ उन्हें पूरे पांच साल तक परखा था। इन सभी प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला जनता कर चुकी है। अब मतगणना के परिणाम बताएंगे कि जनता ने नए प्रत्याशियों का राजतिलक किया है या फिर पुराने प्रत्याशियों पर ही भरोसा जताया है।
खैर विधानसभा सीट से वर्तमान भाजपा विधायक अनूप प्रधान दूसरी बार जनता की अदालत में पहुंचे थे। पूर्व विधायक भगवती प्रसाद सूर्यवंशी भी दूसरी बार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। बसपा से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चौधरी तेजवीर सिंह गुड्डू की पुत्रवधु चारूकेन व कांग्रेस से मोनिका, आप से मोहसिन प्रताप सिंह, निर्दलीय मूलचंद्र व जगदीश प्रसाद चुनाव मैदान में उतरे हैं। बरौली विधानसभा से भी सात प्रत्याशियों के बीच मुकाबला रहा है। इसमें भाजपा से पूर्व मंत्री ठा. जयवीर सिंह, रालोद के प्रमोद गौड़, बसपा से नरेंद्र कुमार शर्मा, कांग्रेस से गौरांगदेव चौहान, आप से सुनीता व निर्दलीय देवेंद्र कुमार वर्मा भाग्य आजमा रहे हैं।
सिर्फ एक क्लिक पर जानें हर विधानसभा सीट का नतीजा
अतरौली विधानसभा से दूसरी बार भाजपा व प्रत्याशी व पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पौत्र संदीप सिंह मैदान में हैं। वे प्रदेश सरकार में बतौर राज्य मंत्री भी हैं। सपा से वीरेश यादव, कांग्रेस से धर्मेंद्र लोधी, बसपा से डॉ. ओमवीर सिंह, आप से खेम सिंह, लोकदल से बृजेश कुमार, निर्दलीय अखिलेश देवी, राहुल सिंह, सलीम खां व कैलाश कुमार समेत 11 प्रत्याशी इस बार चुनावी मैदान में हैं। छर्रा विधानसभा से दूसरी बार भाजपा से मौजूदा विधायक ठा. रवेंद्रपाल सिंह चुनाव मैदान में हैं। सपा से लक्ष्मी धनगर, बसपा से हरदुआगंज के चेयरमैन तिलकराज यादव, कांग्रेस से अखिलेश शर्मा, आप से सुशील कुमार व निर्दलीय अक्षय कुमार, भारतीय सुभाष सेना के राजेश कुमार शर्मा, निर्दलीय जसवीर सिंह, यादकरन समेत 11 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। कोल विधानसभा में भाजपा से विधायक अनिल पाराशर दूसरी बार चुनाव मैदान में हैं।
कांग्रेस से पूर्व विधायक विवेक बंसल, सपा से अज्जू इश्हाक, बसपा से मोहम्मद बिलाल, आप से मनोज शर्मा, निर्दलीय एमएल पापा, नईम खान, शम्स तवरेज खां व साहब सिंह समेत 10 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।
शहर विधानसभा में सपा से पूर्व विधायक जफर आलम, वर्तमान विधायक संजीव राजा की पत्नी मुक्ताराजा, कांग्रेस से एएमयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सलमान इम्तियाज, बसपा से रजिया खान आप से मोनिका थापर, स्वराज भारतीय पार्टी से विनोद कुमार, निर्दलीय रामगोपाल, केशवदेव शर्मा, रेनुका वाष्र्णेय व रेहादुद्दीन अपना भाग्य अजमा रहे हैं। इगलास विधानसभा से भाजपा के राजकुमार सहयोगी दूसरी बार चुनाव मैदान में हैं। रालोद से वीरपाल सिंह दिवाकर, बसपा से सुशील कुमार, कांग्रेस से प्रीती व लोकदल से कुंवरपाल चुनाव मैदान में हैं।
इस लिंक पर क्लिक करें और उत्तर प्रदेश के चुनावी नतीजों से हो जाएं रूबरू
भाजपा की वापसी संग मुक्ता-जयवीर का भी राजनीतिक भविष्य होगा तय
जनता की सबसे बड़ी अदालत का फैसला आज आ रहा है। इसमें यह तय हो जाएगा कि जिले के पांच मौजूदा विधायक संदीप सिंह, अनिल पाराशर, रवेंद्रपाल सिंह, अनूप प्रधान एवं राजकुमार सहयोगी दोबारा विधान सभा में जाएंगे या नहीं। मुक्ता राजा एवं एमएलसी ठाकुर जयवीर सिंह का भी राजनीतिक भविष्य तय होगा।
2017 के विधान सभा चुनाव में सातों विधान सभा क्षेत्रों में भाजपा प्रत्याशियों की जीत हुई थी। भाजपा के अधिकतर प्रत्याशी बड़े अंतर से विरोधी पार्टी के प्रत्याशियों को पराजित किया था। इस बार शहर विधान सभा क्षेत्र के विधायक संजीव राजा के बदले पार्टी ने उनकी पत्नी मुक्ता राजा पर दांव खेला है। बरौली विधान सभा क्षेत्र में विधायक दलवीर सिंह का टिकट काटकर भाजपा नेतृत्व ने पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं एमएलसी ठाकुर जयवीर सिंह को मैदान में उतारा है। भाजपा के जिलाध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल सिंह एवं महानगर अध्यक्ष डॉ. विवेक सारस्वत का कहना है कि हमारे सातों प्रत्याशी जीत रहे हैं।