यूपी विधानसभा के तीसरे चुनाव से जिले में लगातार झटके खा रही प्रदेश व केंद्र की सत्ताधारी कांग्रेस को 1974 के छठवें चुनाव में बड़ी राहत मिली। जिले की दस में से पांच सीटों पर जीत दर्ज कर कांग्रेस ने जिले में तगड़ी वापसी की। हालांकि एक बड़ी बात यह रही कि इस चुनाव से जिले से निर्दलियों का पत्ता साफ हो गया और चौ.चरण सिंह की अगुवाई वाली बीकेडी व जनसंघ भी अपनी साख बचाने में कामयाब रहे। इस चुनाव में कांग्रेस को 71 के लोकसभा चुनाव में हुए धार्मिक ध्रुवीकरण और आरपीआई के विघटन के चलते उस समय के दिग्गज दलित नेता डॉ. बीपी मौर्य के कांग्रेस में शामिल होने का बड़ा लाभ मिला। दलित-मुस्लिम मतों के साथ-साथ अपने परंपरागत वोटों की मदद से पार्टी ने यह जीत हासिल की। प्रदेश में कांग्रेस को कुल 215, बीकेडी को 106 और जनसंघ को 61 सीट मिलीं थीं।
ये थी प्रदेश में दलों की स्थिति
प्रदेश में उस समय 6 राष्ट्रीय दल क्रमश: जनसंघ, सीपीआई, सीपीएम, कांग्रेस, कांग्रेस आर्गेनाइजेशन व सोशलिस्ट पार्टी पंजीकृत थे, जबकि राज्य दल के रूप में तीन क्रमश: बीकेडी, मुस्लिम लीग, स्वतंत्रता पार्टी पंजीकृत थे। इसके अलावा 16 अपंजीकृत दल भी चुनाव मैदान में थे।
इस तरह बने कांग्रेस के हक में समीकरण
1969 के चुनाव में कांग्रेस ने जिले में जिस तरह से चौ.चरण सिंह की अगुवाई वाले बीकेडी से मुंह की खाई थी। उससे निपटने के लिए कांग्रेस ने रणनीति के तहत दिग्गज दलित नेता डॉ. बीपी मौर्य को 71 के लोकसभा चुनाव में अपने साथ लिया। जिसके चलते आरपीआई का विघटन हुआ। उस चुनाव में जिले में धार्मिक ध्रुवीकरण की बयार भी चली। जिसके चलते विधानसभा चुनाव आते-आते कांग्रेस के परंपरागत वोट के साथ दलित-मुस्लिम गठजोड़ भी साथ हुआ। एक वजह यह भी रही कि 74 से पहले खुद चरण सिंह कुछ समय मुख्यमंत्री रहे तो कांग्रेस ने उनके खिलाफ पैदा हुई एंटी इनकंबेंसी का भी लाभ लिया। इन्हीं समीकरणों के सहारे जिले में धमाकेदार वापसी की।
ये रहे दसों सीटों के परिणाम
-1 लाख 20 हजार 334 मतों वाली हाथरस सीट पर कांग्रेस के नारायण हरि शर्मा 24276 मत पाकर जीते और कांग्रेस आर्गेनाइजेशन के सूरजभान शर्मा 22784 मत पाकर हारे।
-1 लाख 25 हजार 334 मतों वाली सासनी सीट पर कांग्रेस के डॉ. धर्मपाल सिंह 26775 मत पाकर जीते और बीकेडी के रामप्रसाद देशमुख 20875 मत पाकर हारे।
-1 लाख 28 हजार 28 मतों वाली सिकंदराराऊ सीट पर बीकेडी के फरजंद अली बेग 17664 मत पाकर जीते और कांग्रेस के श्रीनिवास 16667 मत पाकर हारे।
-1 लाख 23 हजार 896 मतों वाली गंगीरी सीट पर बीकेडी के बाबू सिंह यादव 26076 मत पाकर जीते और कांग्रेस के अनीसुर्रहमान 24121 मत पाकर हारे।
-1 लाख 24 हजार 646 मतों वाली अतरौली सीट पर जनसंघ के कल्याण सिंह 31025 मत पाकर जीते और बीकेडी के अनवार खां 28270 मत पाकर हारे।
-98 हजार 567 मतों वाली अलीगढ़ शहर सीट पर जनसंघ के इंद्रपाल सिंह 25756 मत पाकर जीते और कांग्रेस के ख्वाजा मोहम्मद हलीम 25137 मत पाकर हारे।
-1 लाख 20 हजार 312 मतों वाली कोल सीट पर कांग्रेस के पूरनचंद्र 23141 मत पाकर जीते और जनसंघ के किशनलाल दिलेर 13869 मत पाकर हारे।
-1 लाख 22 हजार 257 मतों वाली इगलास सीट पर बीकेडी के राजेंद्र सिंह 34728 मत पाकर जीते और सीपीआई के शंभू सिंह 24140 मत पाकर हारे।
-1 लाख 21 हजार 168 मतों वाली बरौली सीट पर कांग्रेस के सुरेंद्र सिंह चौहान 24338 मत पाकर जीते और बीकेडी के संग्राम सिंह 19627 मत पाकर हारे।
-1 लाख 25 हजार 667 मतों वाली खैर सीट पर कांग्रेस के प्यारेलाल 40776 मत पाकर जीते और बीकेडी के महेंद्र सिंह 31733 मत पाकर हारे।
--ये रहे 10 विजयी विधायक--
1-हाथरस-नारायण हरि शर्मा
2-सासनी सु.-डॉ.धर्मपाल सिंह
3-सिकंदराराऊ-फरजंद अली बेग
4-गंगीरी-बाबू सिंह यादव
5-अतरौली-कल्याण सिंह
6-अलीगढ़-इंद्रपाल सिंह
7-कोल सु.-पूरन चंद्र
8-इगलास-राजेंद्र सिंह
9-बरौली-सुरेंद्र सिंह चौहान
10-खैर-प्यारेलाल