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यूपी : अब पीओएस मशीनों के जरिये बिकेगी शराब, साल के अंत तक व्यवस्था लागू करने की तैयारी

Fri, 30 Jul 2021 02:13 AM IST
दुष्यंत शर्मा राहुल कुमार, अलीगढ़

सार

  • बिल पर लिखा होगा शराब का विवरण, शराब माफिया के जाल को तोड़ने की तैयारी 
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शराब खरीदने के लिए लगी लाइन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जहरीली शराब कांड के बाद आबकारी विभाग शराब बिक्री की व्यवस्था में बदलाव की तैयारी कर रहा है। दिल्ली की तर्ज पर पूरे प्रदेश में आबकारी की दुकानों पर पीओएस मशीनों के जरिये शराब की बिक्री होगी। मसलन, अगर कोई एक बोतल शराब लेता है तो उक्त बोतल पर बार कोड स्कैनर होगा, जिसे दुकानदार पीओएस मशीन से स्कैन करेगा।

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स्कैन के बाद प्रिंटर से एक बिल निकलेगा। इस बिल में शराब के निर्माण स्थल, सरकारी गोदाम से आवंटन का विवरण, फुटकर विक्रेता आदि की जानकारी होगी। बिना स्कैन बिक्री करने पर शराब के स्टॉक/बिक्री का मिलान गड़बड़ा जाएगा। ऐसे में दुकानदार का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। 

 मई के अंतिम सप्ताह में जिले में जहरीली शराब कांड हुआ था, जिसमें 109 लोगों की मौत हो गई थी। माफिया ने देशी शराब के नाम पर जहरीली शराब आबकारी की लाइसेंसी दुकानों से बिकवाई थी। इस कांड ने न सिर्फ अलीगढ़ बल्कि पूरे प्रदेश में हड़कंप मचाया था। आबकारी विभाग के कई अधिकारियों पर गाज गिरी थी। तत्कालीन जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने सबसे पहले बोतल बंद देशी शराब की बिक्री पर रोक लगाई थी। 
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इसकी जगह सिर्फ ट्रेटा पैक की बिक्री की अनुमति दी गई। अब शासन स्तर से यह तैयारी की जा रही है कि आगामी दिसंबर तक प्रदेश में पीओएस मशीन के जरिये शराब की बिक्री कराई जाए। इसके लिए सभी दुकानदारों को सूचित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब इस पर निर्णय होना है कि पीओएस मशीन दुकानदार को खरीदनी होगी या आबकारी विभाग उपलब्ध कराएगा।

पीओएस मशीनों के जरिये शराब, बीयर की बिक्री कराने का प्लान तैयार हो रहा है। अलीगढ़ सहित यह पूरे प्रदेश में लागू होगा। यह व्यवस्था ठीक उसी प्रकार होगी, जैसे अभी तक मॉल आदि जगहों में किसी सामान की बिक्री की होती है। 
- डॉ. सतीश चंद्र, जिला आबकारी अधिकारी, अलीगढ़

ये होंगे फायदे 

  •  शराब बंदी के दिनों में नहीं हो सकेगी बिक्री।  
  • तय मूल्य से अधिक नहीं वसूल सकेगा दुकानदार। 
  • तय समय के बाद नहीं बिक सकेगी शराब। 
  • नकली शराब की बिक्री पर लग जाएगा अंकुश। 
  • एक दुकान का कोटा दूसरी दुकान पर नहीं बिक सकेगा। 


एक नजर आंकड़ों पर

  • 90 लाख रुपये (लगभग) की प्रतिदिन देशी शराब की होती है बिक्री  
  • 70 लाख रुपये (लगभग)  की प्रतिदिन अंग्रेजी शराब की होती है बिक्री  
  • 40 लाख रुपये (लगभग) की प्रतिदिन बीयर की होती है बिक्री 
  • 511 जिले में कुल दुकान हैं 
  • 128 बीयर की दुकान जिले में हैं 
  • 109 अंग्रेजी शराब की दुकान जिले में हैं 
  • 08 बार जिले में हैं 
  • 249 देसी शराब की दुकान जिले में हैं 
  • 04 मॉडल शॉप कुल जिले में हैं 
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