पहला ट्रायल सिर्फ इंजन के साथ किया गया है। दूसरी बार टूंडला-अलीगढ़ के बीच इंजन और वंदे भारत ट्रेन के कोच के साथ किया जाएगा। टूंडला-अलीगढ़ के बीच अभी और भी कई बार रफ्तार और तकनीक क्षमता विकसित करने के लिए ट्रायल किया जाएगा।
दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर जल्द ही 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ेंगी। इसके लिए 11 अक्तूबर को टूंडला और मडराक-अलीगढ़ के बीच पहला ट्रायल हुआ। रेलवे की वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में दोपहर 12:15 बजे टूंडला से मडराक-अलीगढ़ तक हुआ ट्रायल सफल रहा।
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उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि पहला ट्रायल सिर्फ इंजन के साथ किया गया है। दूसरी बार टूंडला-अलीगढ़ के बीच इंजन और वंदे भारत ट्रेन के कोच के साथ किया जाएगा। टूंडला-अलीगढ़ के बीच अभी और भी कई बार रफ्तार और तकनीक क्षमता विकसित करने के लिए ट्रायल किया जाएगा। इसके बाद दूसरे फेज का ट्रायल शुरू किया जाएगा।
सीपीआरओ ने बताया यदि यह ट्रायल सफल रहा तो नई दिल्ली से टूंडला तक का यह हिस्सा 160 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से ट्रेन चलाने की आधिकारिक मंजूरी पाने वाला देश का दूसरा रेल खंड बन जाएगा। उन्होंने बताया कि टूंडला-अलीगढ़ का ट्रायल पूरा होने बाद टूंडला-गाजियाबाद, अलीगढ़ से गाजियाबाद, टूंडला से कानपुर, कानपुर-प्रयागराज और प्रयागराज से पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्टेशन के बीच भी विभिन्न चरणों में ट्रायल किए जाएंगे। सभी ट्रायल सफल होने पर ट्रेनों को 160 किलोमीटर प्रति घंटा रफ्तार से चलाया जा सकेगा।