ब्रिटिश काल में वाराणसी से करीब 100 साल पहले गायब हुई मां अन्नपूर्णा की दुर्लभ मूर्ति का कल यानी बृहस्पतिवार को अपने जिले में भव्य स्वागत करने की तैयारी है। यह मूर्ति दिल्ली से वाराणसी अपने जिले से होकर ले जाई जाएगी। इस दौरान जिले के तीन विधानसभा क्षेत्र की सीमाओं में इसको घुमाए जाने की तैयारी है और खेरेश्वर मंदिर पर भव्य स्वागत का इंतजाम किया जा रहा है। इसके लिए तहसीलदार कोल व खेरेश्वर मंदिर प्रबंध समिति तैयारियों में लगे हुई है।
ब्रिटिश काल में वाराणसी से गायब हुई मां अन्नपूर्णा की यह प्रतिमा कनाडा से वापस लाई जा रही है। इसे वाराणसी में स्थापित किया जाएगा। यह मूर्ति भारत सरकार को मिली है। वहां से इसे प्रदेश सरकार को सौंपा जा रहा है। यह मूर्ति 11 नवंबर को दिल्ली में आयोजित समारोह में राज्य सरकार को सौंपी जाएगी। जिसके बाद दिल्ली से एक भव्य जुलूस में इसकी यात्रा वाराणसी के लिए रवाना होगी।
जो 14 नवंबर को वाराणसी पहुंचेगी। 15 नवंबर को श्री काशी विश्वनाथ धाम में भव्य समारोह का आयोजन कर इसे स्थापित किया जाएगा। इस दौरान 11 नवंबर को ही यह यात्रा अलीगढ़ जनपद की सीमा में गभाना से प्रवेश करेगी और जीटी रोड हाईवे के रास्ते खेरेश्वर मंदिर पहुंचेगी। जहां इसका भव्य स्वागत किया जाएगा।
इसके बाद ये हाईवे से पनैठी, गंगीरी के रास्ते कासगंज होते हुए सोरों रवाना होगी। तैयारी है कि जिले की तीन विधानसभा क्षेत्र बरौली, इगलास व छर्रा में इसके भ्रमण के दौरान जगह-जगह स्वागत किया जाए। इसे लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। तहसीलदार कोल व खेरेश्वर मंदिर प्रबंध समिति इंतजाम में जुटी हुई हैं।
- कल 11 नवंबर को आने वाली मूर्ति का जिले में स्वागत किया जाएगा। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जिले में खेरेश्वर मंदिर पर व्यवस्था कराई जा रही है। इसके बाद यहां से यह मूर्ति आगे कासगंज रवाना होगी।
- सुरेंद्र कुमार, तहसीलदार कोल