बन्नादेवी क्षेत्र के बरौला इलाके में तालाब किनारे कंबल में लिपटे मिले शव की पहचान के साथ-साथ उसकी हत्या होना भी उजागर हो गया। उसकी हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि पत्नी ने मायके वालों के साथ मिलकर की। हत्या के बाद शव दो दिनों तक घर में छिपाए रखा और दुर्गंध उठने पर तालाब किनारे फेंक दिया। क्वार्सी पुलिस ने 24 घंटे में इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और पांचवें की तलाश जारी है।
शनिवार सुबह पुलिस को बरौला इलाके में तालाब किनारे कंबल में लिपटा शव मिला था। उसके शरीर पर जलने के निशान थे। रविवार सुबह क्वार्सी के बेगपुर गली नंबर-3 के अब्दुल रसीद ने इस शव की पहचान कपड़ों, हुलिया व कदकाठी के आधार पर अपने 38 वर्षीय भाई शफीक के रूप में की। साथ ही, क्वार्सी पुलिस को तहरीर देकर उसके ससुरालियों पर हत्या का अंदेशा जताया। कहा कि तीन दिन से उनका भाई लापता है। इसके बाद पुलिस ने पड़ताल शुरू करते हुए शफीक की पत्नी जूली, साले नन्नू उर्फ इरशाद, सास मुन्नी, साली शमा को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उजागर हुआ कि शफीक ने 11 साल पहले अपने परिवार के खिलाफ जाकर मोहल्ले की जूली से प्रेम विवाह किया था और ससुराल में ही रहता था। उसके एक बेटी व बेटा भी है। जूली ने स्वीकार किया कि शफीक नशे में लिप्त रहने लगा था। काम धंधा भी नहीं करता था। इसको लेकर घर में कलह होेने लगी थी। 12 मई की रात उसने नशे में छोटे बेटे को पीटा और जमीन पर पटक दिया। इसी विवाद में वह पत्नी पर चाकू लेकर हमलावर हुआ। पत्नी ने उसे धकिया दिया और वह जमीन पर गिर गया। तभी परिवार के अन्य लोग आ गए और शफीक की गला दबाकर हत्या कर दी। इस स्वीकारोक्ति के बाद पुलिस ने जूली, नन्नू उर्फ इरशाद, मुन्नी व शमा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि शाहरुख अभी फरार है। इन सभी के खिलाफ अब्दुल रसीद की ओर से मुकदमा दर्ज किया गया है।
बेटी ने दिया पिता की हत्या का सुराग
इस मामले में जब इंस्पेक्टर क्वार्सी व पुलिस टीम जूली के बेगपुर स्थित घर पहुंची तो शाहरुख को छोड़कर घर के सभी सदस्य वहां मौजूद थे। एक-एक कर सभी से बात की गई तो सभी पहले पुलिस को बरगलाने लगे। जूली की 11 साल की बेटी शिफ से एकांत में बात की गई तो उसने सच्चाई बता दी। पुलिस के अनुसार, बेटी ने बताया कि मां ने उसे डराकर रखा था। किसी को कुछ नहीं बताना है। बेटी ने बताया कि मां, दोनों मामा, मौसी व नानी ने मिलकर पापा को मारा है। बस इतना सुराग हाथ लगते ही पुलिस परिवार के अन्य सदस्यों के प्रति सख्त रुख अपनाया और पूरा भेद खुल गया।
दो दिन तक घर में रखी लाश, फिर लगाई ठिकाने
आरोपियों ने स्वीकारा कि घटना के बाद उन्होंने शव को घर में ही रखा, जब दुर्गंध उठने लगी तो उसे ठिकाने लगाने की योजना बनाई। इस पर 14 मई की तड़के चार बजे टिर्री में लादकर शव ले जाया गया और तालाब के किनारे फेंक दिया। इस दौरान चेहरे व शरीर पर पहचान न हो पाने के इरादे से तेजाब भी डाला गया।
- शनिवार को बरौला इलाके में मिले शव की पहचान हो गई है। पत्नी द्वारा मायके वालों संग मिलकर युवक की हत्या होना उजागर हुआ है। चार आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे गए हैं। पांचवें की तलाश जारी है। - कुलदीप सिंह गुणावत, एसपी सिटी
लगातार रिश्तों का हो रहा खून
यह पहला मौका नहीं, जब जिले में रिश्तों के कत्ल की वारदात हुई है। इससे पहले भी कई वारदातें ऐसे ही हो चुकी हैं। शनिवार को भी देहली गेट के इंदिरा नगर में इसी तरह दामाद द्वारा ससुर की हत्या हुई। बाद में खुद उसने अपनी जान दे दी। सिविल लाइंस के एक होटल में महिला की हत्या उसके पति ने कुछ माह पहले की थी।