एनआईए डीएसपी तंजील अहमद हत्याकांड में मृत्युदंड की सजा पा चुके कुख्यात शूटर मुनीर के करीबी दोस्त व एएमयू छात्र रहे आशुतोष मिश्रा के खिलाफ भी गवाही हुई। सोमवार को एडीजे-3 की अदालत में आठ साल पुराने हमले के मुकदमे में वादी व विवेचक ने गवाही दर्ज कराई। अब इस मामले में 31 मई तारीख नियत कर दी है।
घटना वर्ष 2014 की है, उस समय एएमयू में लॉ की पढ़ाई कर रहा फर्रुखाबाद निवासी आशुतोष मिश्रा अपनी महिला मित्र संग कहीं से आ रहा था। तभी कुछ लोगों से उसका झगड़ा हो गया। इस दौरान आशुतोष पर फायरिंग करने का आरोप लगा था। मुकदमे में उसके साथी सादाब व जिया को भी आरोपी बनाया गया था। पुलिस जांच में आशुतोष के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई। इस मामले में एडीजे तृतीय की अदालत में गवाही चल रही है। सोमवार को इस मामले में वादी सलमान व विवेचक दरोगा देशवीर सिंह के बयान दर्ज किए गए। यह जानकारी बचाव पक्ष के अधिवक्ता नीरज चौहान ने दी है।
शराब कांड के दो मुकदमों में गवाही दर्ज
जहरीली शराब कांड के दो मुकदमों में सोमवार को गवाही दर्ज की गई। एडीजे प्रथम शाहिद रजा की अदालत में पिसावा के अनिल चौधरी आदि के खिलाफ दर्ज मुकदमे में पोस्टमार्टम करने वाले दो डॉक्टरों की गवाही दर्ज की गई। यह जानकारी एडीजीसी अमर सिंह तोमर ने दी है। इधर, एडीजे नौ सुनील सिंह की अदालत में जवां में हुई मौत के मुकदमे में वादी हरीश की गवाही हुई। यह जानकारी एडीजीसी चौ.जितेंद्र सिंह ने दी है। इधर, एडीजे-17 में इंस्पेक्टर हरिभान सिंह की गवाही सोमवार को नहीं हो सकी।