वार्ड नंबर 27 चंदनिया स्थित बाल्मीकि बस्ती के करीब दस हजार लोग तीन साल से लोग गंदे पानी की समस्या झेल रहे हैं। इलाके में जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। लोगों ने बताया कि गंदा पानी पीकर बच्चे बीमार पड़ जाते हैं। कई बार शिकायत के बाद भी पार्षद व अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब 30 साल पुरानी पाइप लाइन से पानी की आपूर्ति हो रही है। यहां पर करीब छह माह पहले अमृत योजना के तहत पाइप लाइन डाली गई थी। पाइप लाइन डालते समय पुरानी पाइप लाइन टूट गई थी, जो आज तक सही नहीं कराई गई है। टूटी हुई पाइप लाइन में गंदा पानी घुस जाता है, जो सप्लाई के समय घरों में आता है। लोगों ने बताया कि छह सरकारी हैंडपंप लगे हैं, जिनमें से पांच खराब हैं। पानी की समस्या के चलते लोग रोजमर्रा के कामों के लिए परेशान रहते हैं। महिलाएं और बच्चे आसपास के दूसरे मोहल्लों से पानी भरकर लाते हैं।
यह है स्थिति
- वार्ड 27 : चंदनिया (बाल्मीकि बस्ती)
- वार्ड की आबादी 20 हजार।
- मिश्रित आबादी वाला क्षेत्र।
- जलस्तर 200 से 250 फुट।
- वार्ड में 35 सरकारी हैंडपंप, जिनमें 10 खराब हैं।
- वार्ड में एक भी सरकारी सबमर्सिबल नहीं है।
- टीडीएस 600 से 800 है। पीने लायक पानी का टीडीएस 150 तक होना चाहिए।
- रावण टीला पानी की टंकी से जलापूर्ति।
छह माह पहले वार्ड में नई पाइपलाइन डाली गई है, जिसकी वजह से पूरा वार्ड खुदा पड़ा है। कई जगह पाइप लाइन टूट गई है, जिसे सही कराया जा रहा है। चंदनिया बाल्मीकि बस्ती में गंदे पानी की सूचना नहीं है। अगर समस्या है तो उसे सही कराया जाएगा।
- वीरेंद्र सिंह, पार्षद
बोले अधिकारी
चंदनिया बाल्मीकि बस्ती में गंदे पानी की समस्या को लेकर टीम को निर्देशित कर दिया गया है। टीम इलाके में जाकर सर्वे करेगी। समस्या को जल्द ही निस्तारित कराया जाएगा। - अरुण कुमार गुप्त, अपर नगर आयुक्त
तीन साल से इलाके में गंदे पानी की समस्या है। इससे पहले साफ पानी की आपूर्ति हो रही थी। कई बार शिकायत भी की है। - जीतू कुमार
इलाके में सरकारी सबमर्सिबल पंप नहीं है। पानी के लिए टैंकर की भी व्यवस्था नहीं है। गर्मी में पीने के पानी की बहुत परेशानी है। - देव चौहान
30 साल पुरानी पाइप लाइन से इलाके में जलापूर्ति हो रही है। जो कई जगह से लीक हैं। सरकारी हैंडपंप भी खराब है। पानी का संकट है। - सुनीता देवी
गंदा पानी पीकर बच्चे व बड़े बीमार पड़ रहे हैं। महिलाओं को पानी लेने के लिए दूसरे मोहल्लों में जाना पड़ता है। एक सरकारी हैंडपंप सही है। - सत्यवती