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जिओ टैगिंग कर टीबी मरीजों के स्वास्थ्य पर रखी जाएगी नजर

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क्षय रोगियों का जिओ टैगिंग का कार्य शुरू हो गया है। सबसे ज्यादा फायदा यह होगा कि ऊपर के अधिकारियों को घर बैठे पता चल जाएगा कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों के पास टीबी की दवा समय से पहुंची या नहीं। यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि किसी खास क्षेत्र में मरीजों की संख्या अधिक तो नहीं है। इससे समय रहते बीमारी की रोकथाम का इंतजाम किया जा सकता है।
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जनपद में सात हजार से अधिक टीबी के मरीज हैं। 12 से 25 जुलाई 2021 तक चले दस्तक अभियान में जनपद में 132 टीबी के मरीजों को चिह्नित किया गया। अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. एसके उपाध्याय ने कहा कि राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम पर विशेष जोर दिया जा रहा है। दस्तक अभियान में अलीगढ़ में 132, एटा में 191, हाथरस में 35 और कासगंज में 186 मरीज चिह्नित किए गए हैं। एडी हेल्थ ने बताया कि सभी जिला क्षय रोग अधिकारियों को जिओ टैगिंग का कार्य तेजी से करने का निर्देश दिया गया है। दस्तक अभियान के अंतर्गत चिह्नित टीबी मरीजों के अतिरिक्त जनपद में मौजूद अन्य टीबी मरीजों का भी जिओ टैगिंग किया जाएगा। एडी हेल्थ का कहना है कि जिओ टैगिंग का उद्देश्य मरीजों को प्राप्त स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर एवं पारदर्शी बनाना है। अक्सर शिकायत सामने आती है कि मरीज का घर नहीं मिल रहा है या मरीज घर पर उपलब्ध नहीं है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनुपम भास्कर ने बताया कि जनपद में जिओ टैगिंग का काम शुरू हो गया है।
स्वास्थ्य केंद्रों पर 5 प्रतिशत मरीजों की जांच कराने का निर्देश
एडी हेल्थ ने मंडल के सभी डीटीओ को जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आने वाले कुल मरीजों में से पांच प्रतिशत की टीबी जांच कराने को निर्देशित किया है, ताकि अधिक से अधिक मरीजों को चिह्नित कर उपचार शुरू किया जाए। यह भी कहा गया है कि मरीजों को चिह्नित करने के एक सप्ताह के अंदर बैंक एकाउंट नंबर व अन्य दस्तावेज लेकर उनके खाते में प्रति माह 500 रुपये भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाए। इसके अतिरिक्त टीबी केंद्रों की व्यवस्था चाक-चौबंद रखने को कहा गया है।
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एप पर मरीज का विवरण व लोकेशन होगी फीड
एडी हेल्थ डॉ. एसके उपाध्याय कहते हैं कि जिओ टैगिंग के तहत एप पर मरीज का विवरण एवं लोकेशन फीड की जाती है। इससे मरीजों के स्वास्थ्य पर संबंधित अधिकारियों की नजर रहती है। स्वास्थ्यकर्मी के लोकेशन और मरीज के लोकेशन से पता किया जा सकता है कि स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंची या नहीं।
टीबी का लक्षण हो तो जरूर जांच कराएं
दो सप्ताह या अधिक समय तक खांसी, खांसी के साथ बलगम आना, बलगम में कभी-कभी खून आना, वजन कम होना, भूख न लगना, सीने में दर्द होना, शाम को हल्का बुखार आना आदि।
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