महानगर के बाबरी मंडी में हुए बहुचर्चित तारिक हत्याकांड में अपर सत्र न्यायालय में ट्रायल शुरू हो गया है। मुकदमे में पहली गवाही पिछली तारीख पर पूरी हो गई है। पहले गवाह के रूप में मुकदमे के वादी तारिक के भाई शारिक ने अपनी गवाही दर्ज कराई है। अब न्यायालय ने मामले में 22 सितंबर अगली तारीख नियत करते हुए परिवार से जुड़े चश्मदीद गवाह को तलब किया है।
नागरिकता संशोधन कानून को लेकर ऊपरकोट पर 23 फरवरी 2020 को हुए बवाल के दौरान बाबरी मंडी में सांप्रदायिक टकराव हो गया था। इस दौरान गोली लगने से हार्डवेयर कारोबारी का बेटा मोहम्मद तारिक घायल हुआ था। बाद में तारिक की जेएन मेडिकल कॉलेज में मौत हुई थी। इस मामले में तारिक के भाई की ओर से विनय वार्ष्णेय सहित तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसी मामले में विनय को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया और प्रशासनिक आधार पर यहां से एटा जेल शिफ्ट कर दिया गया। हालांकि उसके बाद से समर्थक विनय की रिहाई को लेकर लगातार प्रयासरत हैं। हर मंच पर आवाज उठाते हैं।
इधर, इस मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी और कोविड के चलते न्यायालय में चार्ज फ्रेम होने की प्रक्रिया लंबित थी। इसे लेकर कई बार न्यायालय ने एटा जेल से विनय को तलब किया। मगर कभी फोर्स न होने, कभी सुरक्षा कारण या कुछ समय कोरोना के कारण विनय की पेशी नहीं हो सकी थी। 30 जुलाई को विनय को एटा से यहां लाया गया और एडीजे-16 के न्यायालय में पेश किया गया। जहां चार्ज फ्रेम कराने की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद कुछ तारीखों पर गवाह नहीं पहुंच सके। अब पिछली तारीख पर पहुंचे सबसे पहले गवाह वादी की गवाही पूरी हो गई है। इस मामले में विनय की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता नीरज चौहान व अभियोजन के अधिवक्ता एडीजीसी गोपाल सिंह राणा ने जानकारी देते हुए बताया कि मुकदमे का ट्रायल शुरू हो गया है। अगली तारीख 22 नियत की गई है। दूसरे गवाह को तलब किया गया है।
एक नजर में घटनाक्रम
-23 फरवरी 2020 को बाबरी मंडी में हुई घटना
-11 मार्च 2020 की देर रात विनय किया गिरफ्तार
-13 मार्च 2020 की देर रात तारिक की मौत हुई
-09 मई 2020 को 90वें दिन चार्जशीट दायर की
-30 जुलाई 2021 को विनय पर हत्या में चार्ज बना
-04 अगस्त 2021 से ट्रायल की तारीख पड़ना शुरू
ये तीन हैं आरोपी
-युवा भाजपा नेता विनय वार्ष्णेय, त्रिलोकी और सुरेंद्र नामजद आरोपी हैं। विनय जेल में, बाकी दोनों जमानत पर बाहर हैं।