ताइवान एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के प्रबंधक जैसन लिन एवं प्रोजेक्ट मैनेजर शफी अहमद औद्योगिक आस्थान स्थित राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (एनएसआईसी) में मशीनों को देखने पहुंचे। करीब 15 वर्ष पहले यहां पर ताइवान की मशीन लगी थी। यहां के उद्यमी यहां से पिन सिलेंडर तकनीक की चॉबी बनवाकर ले जाते हैं।
एनएसआईसी के सर्विस सेंटर में पहुंचकर जैसन लिन ने उत्सुकता से वहां लगी मशीनों को देखा। मैटेरियल टेस्टिंग लैब में स्पेक्टोमीटर, रोबोटिक, सीएनसी लेजर कटिंग मशीन, वीएमसी, टर्निंग सेंटर, सीएनसी वायरलेस, इडीएम ड्रिल, साल्ट स्प्रे चैंबर आदि का भी अवलोकन किया। एनएसआईसी के डीजीएम टीएस राजपूत ने बताया कि जैसन लिन ने यहां इस्तेमाल हो रही तकनीक को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। कहा कि यहां से टेक्नोलॉजी आसानी से इंडस्ट्री तक पहुंच सकती है। उन्होंने तकनीकी हस्तांतरण एवं आयात-निर्यात पर भी चर्चा की। टीएस राजपूत ने बताया कि वह अलीगढ़ के उद्यमी राजेश कुमार शर्मा एवं संजीव कुमार वार्ष्णेय आदि के साथ 1999 में ताइवान गए थे। एनएसआईसी में 2006 से पिन सिलेंडर मशीन संचालित हो रही है। यहां उद्यमी ताले की चॉबी बनवाते हैं। टीएस राजपूत ने बताया कि बीस साल में टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में दुनिया काफी आगे बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि बहुत सारे उद्यमी अपने यहां ताइवान की मशीन लगवा चुके हैं।