डीएवी इंटर कॉलेज में एक अभ्यर्थी बायोमीट्रिक मिलान में संदिग्ध पाया गया। नोएडा कंट्रोल ने सूचना दी कि जिस विकास यादव के स्थान पर यह युवक परीक्षा दे रहा है। उसके द्वारा भरे गए फार्म से यह संदिग्ध लग रहा है। जबकि आधार कार्ड में उसका फोटो विकास यादव के नाम से लगा था। बायोमीट्रिक में फिंगर प्रिंट में भी बहुत अंतर नहीं आ रहा था। मगर फार्म के रिकार्ड से उसके फोटो में अंतर था।
पुलिस भर्ती परीक्षा में 24 अगस्त को डीएवी इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र से पकड़े गए सॉल्वर से रात भर के प्रयास के बाद भी पुलिस कोई क्लू नहीं उगलवा पाई। उसने बस इतना ही स्वीकार किया कि हां, वह गलत है। बाकी कुछ भी बताने के लिए तैयार नहीं हुआ। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर 25 अगस्त को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर उसे जेल भेज दिया है। अब पहले सर्विलांस से साक्ष्य जुटाने और फिर जेल में पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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डीएवी इंटर कॉलेज पर दूसरी पाली की परीक्षा में एक अभ्यर्थी बायोमीट्रिक मिलान में संदिग्ध पाया गया। नोएडा कंट्रोल ने सूचना दी कि जिस विकास यादव के स्थान पर यह युवक परीक्षा दे रहा है। उसके द्वारा भरे गए फार्म से यह संदिग्ध लग रहा है। जबकि आधार कार्ड में उसका फोटो विकास यादव के नाम से लगा था। बायोमीट्रिक में फिंगर प्रिंट में भी बहुत अंतर नहीं आ रहा था। मगर फार्म के रिकार्ड से उसके फोटो में अंतर था। यही उसकी गिरफ्तारी का कारण बना।
इसके बाद थाने लाकर हुई पूछताछ में देर रात तक वह खुद को विकास यादव बताता रहा। मगर जब फिरोजाबाद पुलिस के जरिये विकास यादव तक पहुंचने की बात हुई और यहां सख्ती हुई। तब उसने इतना ही बताया कि वह रामू पुत्र छविराम निवासी डरूआ मटसैना फिरोजाबाद है। दूसरे सवाल पर उसने स्वीकार किया कि हां, वह गलत है। इसके बाद उसने सुबह तक और कोई जानकारी नहीं दी।
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अब जानकारी के लिए एक टीम फिरोजाबाद उसके मूल पते व विकास के मूल पते पर भेजी जा रही है। साथ ही, इनके मोबाइल सर्विलांस आदि से साक्ष्य जुटाए जाएंगे। इसके बाद उससे फिर से पूछताछ होगी। एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि फिलहाल उसे जेल भेज दिया गया है। बाकी वह किसके जरिये परीक्षा देने आया था। कितने रुपये लिए थे। इन सवालों के जवाब जांच में खोजे जाएंगे।