एएमयू छात्र संघ के सचिव पद का चुनाव लड़ चुके छात्र नेता इमरान जलाली ने सपा नेता अबू आसिम आजमी के ट्वीट ‘सपा के साथ आए एएमयू छात्र’ को ढोंग बताया है। कहा कि अबू आजमी ने मुरादाबाद के हिंदू कॉलेज के छात्रों को शेरवानी पहनाकर उन्हें एएमयू का छात्र बताया है। आजमी ने एएमयू छात्र संघ का उपाध्यक्ष बताकर जिसे सपा की सदस्यता दिलाई, उस नाम का कोई व्यक्ति कभी उपाध्यक्ष नहीं रहा। शेरवानी पहनने वाला हर कोई अलीग नहीं होता। छात्र नेता ने कहा कि सपा ने मुसलमानों के साथ धोखा किया है।
बृहस्पतिवार को एएमयू के स्ट्रेची हॉल में इमरान जलाली ने पत्रकारों से कहा कि अखिलेश यादव को बताना चाहिए कि एएमयू छात्रों के नाम पर यह ढोंग अबू आजमी ने उनके इशारे पर किया या फिर उनको इस बात का ज्ञान नहीं था। इस बात को भी याद रखना चाहिए कि अखिलेश यादव और उनके पिता मुलायम सिंह यादव पहले ही मुसलमानों के साथ 2012 में सरकारी नौकरियों में 18 फीसदी आरक्षण देने का वादा करके ढोंग और छल कपट कर चुके हैं। छल कपट करना सपा का चलन बन चुका है। छात्र नेता जलाली ने कहा कि वह न तो गुजरात दंगा भूले हैं और न ही मुजफ्फरनगर दंगा भूलेंगे। सपा ने मुसलमानों के साथ धोखा किया है और उसी के शासनकाल में मुजफ्फरनगर दंगा हुआ, जिसमें मुसलमानों को जानमाल का काफी नुकसान पहुंचा था।
एएमयू छात्र संघ के कैबिनेट सदस्य रहे मतीन अशरफ ने कहा कि एएमयू और यहां के छात्र इतने सस्ते नहीं है कि अबू आसिम आजमी या अखिलेश यादव इनको अपनी सियासत के लिए जैसा चाहें इस्तेमाल कर लें। एएमयू और यहां के छात्रों के नाम पर जो ढोंग किया गया है, इसकी कीमत सपा को 2022 के चुनाव में चुकानी पड़ेगी।
इस अवसर पर सफदर, यासिर, सरमद, फिरोज, अदनान, नदीम, कामरान, पारस, अल्ताफ, रेहान, उवैस, इमरान, जाविद, यजदानी, अरीब, शहबाज, यामीन, सद्दाम, सलमान, यूनुस, सोहेल आदि मौजूद रहे।