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अलीगढ़: कांग्रेस के घोषणा पत्र संवाद में शामिल हुए सलमान खुर्शीद, बोले- प्राथमिकता से मौजूद रहेंगे पांच मुद्दे

Sun, 05 Sep 2021 04:41 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़

सार

सलमान खुर्शीद ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राकेश टिकैत व अन्य किसान संगठनों द्वारा किए जा रहे आंदोलन को कांग्रेस का पूर्ण समर्थन है। जो भी उनकी अपेक्षाएं हैं, जिनको हमने समर्थन किया है, वह हमारे घोषणा पत्र में भी होंगे।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अलीगढ़ के धर्मपुर कोटियार्ड में कांग्रेस के घोषणा पत्र संवाद में शामिल होने आए पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि राकेश टिकैत के किसान आंदोलन को पार्टी का पूर्ण समर्थन है। वहीं कांग्रेस के आगामी घोषणा पत्र में पांच मुद्दे प्राथमिकता से मौजूद रहेंगे। किसान, बेरोजगारी, महिला, दलित, पिछड़े वर्ग, गरीब, अर्थव्यवस्था को दुरुस्त करने, धार्मिक बंटवारे को समाप्त करने, कोविड-19 में अनाथ हुए लोगों की हर संभव मदद करने जैसे मुद्दे होंगे।

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सलमान खुर्शीद ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राकेश टिकैत व अन्य किसान संगठनों द्वारा किए जा रहे आंदोलन को कांग्रेस का पूर्ण समर्थन है। जो भी उनकी अपेक्षाएं हैं, जिनको हमने समर्थन किया है, वह हमारे घोषणा पत्र में भी होंगे। हम यह भी नहीं चाहते कि उनके संघर्ष का श्रेय हम ले ले, हमारा उनको पूर्ण समर्थन है। 

कांग्रेस के आगामी घोषणा पत्र में पांच विशेष बातें रहेंगी। किसानों की समस्या का निपटारा, खेतों में छुट्टा घूम रहे आवारा पशुओं पर नियंत्रण, नौजवानों के लिए रोजगार का सृजन, यूपी में महिला, बच्चों, पिछड़ों, गरीबों, दलितों, अल्पसंख्यकों को सुरक्षा देना, कोविड-19 के दौरान जो लोग पीड़ित रहे जिन्होंने अपने परिजन को खो दिया है, उनके लिए भी कार्य करना, नोटबंदी व जीएसटी लागू होने के बाद जो देश की अर्थव्यवस्था बिगड़ी है, उसे दुरुस्त करना, समाज के बंटवारे को समाप्त करना भी घोषणा पत्र में प्रमुखता से रहेगा।
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इसके अलावा और भी बातें घोषणापत्र में रहेंगी। आगामी समय में घोषणा पत्र की घोषणा प्रियंका गांधी करेंगी, वहीं पूर्व केंद्र मंत्री ने अफगानिस्तान के मुद्दे पर कहा कि अफगानिस्तान का हिंदुस्तान से बहुत पुराना नाता है। आज वहां के हालात सही नहीं है। हालात सही होने पर उन्हें वहां पहुंचा जाएगा और ऐसा भी नहीं है कि तालिबान के 10, 20 ,50 लोगों ने ही काबुल को फतह कर लिया है।

निश्चित ही उनको वहां की जनता का जनसमर्थन मिला होगा, हमको रूस, तुर्की, यूएई से चर्चा जारी रखनी चाहिए। अफगानिस्तान के जिन राजनेताओं के लिए हिंदुस्तान ने काम किया वह आज कहां है, उनके बारे में भी में सोचना चाहिए।

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