जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के अधिकारी उनकी अंतिम यात्रा को यादगार बनाने में जुटे रहे तो भाजपा नेता भी शनिवार देर शाम से व्यस्त रहे। लखनऊ से उनकी अंतिम यात्रा की शुरुआत से लेकर अलीगढ़ में होने वाली सभी तैयारियों को बहुत तेजी से निपटाया गया।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजस्थान व हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कल्याण सिंह के निधन की खबर मिलते ही अलीगढ़ मंडल और जनपद में शोक की लहर दौड़ गई थी। रविवार को रक्षाबंधन के त्योहार पर भी इसका असर दिखा। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के अधिकारी उनकी अंतिम यात्रा को यादगार बनाने में जुटे रहे तो भाजपा नेता भी शनिवार देर शाम से व्यस्त रहे।
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लखनऊ से उनकी अंतिम यात्रा की शुरुआत से लेकर अलीगढ़ में होने वाली सभी तैयारियों को बहुत तेजी से निपटाया गया। इस खबर के मिलने के बाद शनिवार रात से ही अधिकारी व्यस्त हो गए थे। शनिवार की पूरी रात इस यात्रा को यादगार बनाने के लिए हर प्रयास किया गया।
बेहतर से बेहतर इंतजाम कराए गए। सुबह से अधिकारियों ने अपने अपने तयशुदा स्थलों पर जिम्मेदारी संभाल ली थी। भाजपा के विधायक, जिला कमेटी, महानगर कमेटी, अन्य पदाधिकारीगण भी अलग-अलग तैयारियों में जुटे रहे। इसी कारण उनके घरों में रक्षाबंधन का त्योहार का कुछ फीका भी पड़ गया। भाजपाइयों में उनके निधन के बाद एक उदासी का माहौल हो गया है। दर्जनों भाजपा नेताओं के प्रतिष्ठान भी बंद रहे।