क्वार्सी क्षेत्र के रामघाट रोड निरंजनपुरी निवासी 38 वर्षीय गौरव गुप्ता आरटीओ दफ्तर में बतौर एजेंट काम करता था। यही काम उसके पिता प्रदीप गुप्ता भी करते हैं। परिवार में दो बहन-भाइयों में वह सबसे बड़ा था। मां की एक वर्ष पहले मौत हो चुकी है। बहन की शादी हो चुकी है। तब से वह पिता के साथ अकेला रहता था। रविवार रात करीब साढ़े आठ बजे खाना खाने के बाद वह घूमने निकला। इसके बाद घर नहीं लौटा। इधर, सोमवार सुबह सांगवान सिटी रोड पर बिजलीघर के पास युवक का शव खून से लथपथ मिला। उसका चाकू से गला रेता हुआ था।
राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम को भेजा। दिन भर चले प्रयास के बाद देर शाम उसकी पहचान गौरव के रूप में पिता ने की। पिता ने किसी तरह की रंजिश या किसी तरह के विवाद से भी इंकार किया। मगर हत्या की गई है, ये बात जरूर परिवार व पुलिस स्वीकार रहे हैं। इंस्पेक्टर क्वार्सी विजयकांत शर्मा के अनुसार सुबह मिले युवक के शव की पहचान हो गई है। उसकी गला रेतकर हत्या की गई है। परिवार अभी किसी तरह की रंजिश नहीं बता रहा है। फिर भी जांच की जा रही है। बाकी जल्द तस्वीर साफ की जाएगी।
मौके पर मिला मोबाइल
पुलिस इस घटना में सर्विलांस व सीसीटीवी को अपनी जांच का आधार बना रही है। सबसे अच्छी बात ये है कि घटनास्थल पर ही गौरव का मोबाइल भी पड़ा मिला है। वही जांच में अहम कड़ी समझ में आ रहा है। सर्विलांस की मदद से यह जानने का प्रयास तेज हो गया है कि वह किसके कहने पर वहां तक पहुंचा था। साथ में सीसीटीवी देखे जा रहे हैं कि किसके साथ व किस माध्यम से वहां तक पहुंचा था। वही खुलासे का आधार भी बनेगा।