उन्हें रिर्टनिंग अफसर के कक्ष के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और मामले की जांच कराने की मांग की। मीडिया प्रभारी जावेद खान ने कहा कि दो सेट में प्रत्याशी सुमन देवी नामांकन करने आई थीं। एक सेट फॉर्म एक प्रस्तावक के हस्ताक्षर के साथ जमा हो गया, जबकि दूसरा सेट, फॉर्म बी, जाति प्रमाण लिए दूसरे प्रस्तावक को कक्ष के बाहर रोक लिया गया, जिससे उनकी प्रत्याशी पार्टी द्वारा अधिकृत फॉर्म बी नहीं जमा कर पाईं। अब प्रेक्षक ने मंगलवार दोपहर 12 बजे दोबारा मिलने का आश्वासन दिया है।
'सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट से राय ले रहा रालोद'
रालोद प्रदेश अध्यक्ष मसूद अहमद ने कहा है कि प्रत्याशी सुमन दिवाकर समय से प्रस्तावक के साथ रिर्टनिंग अफसर के कक्ष में पहुंच गए थे। साजिश के तहत पुलिस ने दूसरे प्रस्तावक को अंदर नहीं आने दिया। जिसके पास फॉर्म बी और जाति प्रमाण पत्र था। उसको अंदर नहीं आने दिया गया। जिससे प्रत्याशी का फार्म बी जमा नहीं हुआ। बमुश्किल से रिर्टनिंग अफसर ने जाति प्रमाण पत्र जमा कराया है।
कार्यकर्ताओं ने विरोध किया तो पुलिस वालों ने लाठियां दिखा कर रोका। बमुश्किल हम सब उनको अपना शिकायती पत्र सौंप सके। इसके बाद प्रेक्षक से मिले हैं। प्रेक्षक ने मंगलवार को सुबह 10 से 12 बजे के बीच मिलने बुलाया है। अब उनसे मुलाकात के बाद ही तस्वीर साफ हो सकेगी। इगलास विधानसभा चुनाव में रालोद मजबूती के साथ भाजपा के सामने खड़ा था। इसी वजह से सरकार ने प्रशासन से मिल कर सुमन दिवाकर का नामांकन खारिज कराने की साजिश रची है। इस मामले में पार्टी के वकील सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट से राय ले रहे हैं।