बेटे ने बेहद अफसोस के साथ बताया कि उसकी मां बाबा में आस्था रखती थी। वह मना भी करता था कि कहीं जाया मत करो। मगर मां उसकी बात को अनसुना करती थी। अब मां की जान चली गई। बाबा उसकी मां को वापस सकुशल घर नहीं भेज सका। ऐसे बाबा के प्रति उसकी कोई आस्था नहीं है। इसलिए उसने घर से बाबा की तस्वीरें निकालकर फेंक दी हैं।
अब ये महिलाएं भी नहीं जाएंगी सत्संग में
रवि की मां तारा देवी के साथ सत्संग में शामिल होने गईं कमलेश व विमला देवी भी इस हादसे से बेहद आहत हैं। उन्होंने बताया कि तारादेवी व अन्य सभी महिलाएं साढ़े दस बजे आयोजन स्थल पर पहुंच गई थीं। वहां काफी भीड़ के बीच अचानक से तारा देवी उनसे बिछड़ गईं। वे सभी आयोजन समाप्त होने से बीस मिनट पहले भीड़ के चलते बाहर निकल आईं। उद्देश्य यही था कि भीड़ अधिक है। फिर फंस जाएंगी। बाहर आकर साढ़े चार बजे तक तारा देवी का इंतजार किया। मगर वह नहीं आईं तो थककर सभी वापस अलीगढ़ चल दिए। अब दोनों ने ऐलान किया है कि आज से वे कभी बाबा के सत्संग में नहीं जाएंगी। न बाबा की पूजा करेंगी। अब तो सिर्फ घर में हमेशा की तरह राधा कृष्ण आदि की परंपरागत पूजा करेंगी।
पाखंडी है बाबा, उठ गया विश्वास
अकराबाद क्षेत्र के पिलखना में इकलौते बेटे व पत्नी सहित परिवार के चार सदस्यों की मौत के बाद परिवार का बाबा से विश्वास उठ गया है। इकलौते बेटे पंकज व पत्नी मंजू की मौत से आहत छोटेलाल ने कहा कि बाबा पाखंडी है। इस हादसे में छोटेलाल की पत्नी के अलावा तीन बेटियों के बाद इकलौता बेटा था। छोटेलाल पत्नी बेटे व परिवार की अन्य महिलाओं के साथ सत्संग में शामिल होने गया। भगदड़ में दबने से उसके भी चोट आई। बाद में जब उठकर वह पत्नी, बेटे को देखने लगा तो वे नहीं मिले। किसी तरह उन्हें तलाशा तो दोनों मृत मिले। छोटेलाल व उसकी मां सुनहरी देवी का कहना है कि पूरा परिवार बाबा को भगवान मानता था। हमारा बाबा से विश्वास उठ गया है। ऐसे व्यक्ति पर कार्रवाई होनी चाहिए।
सिकंदराराऊ के फुलरई मुगलगढ़ी में सत्संग के दौरान भगदड़ में 121 लोगों की मौत के बाद भी भोले बाबा के अनुयायियों का उनके प्रति प्रेम और अनुराग अभी भी कायम है। अनुयायियों ने कहा कि भोले बाबा उनके परमात्मा हैं, उनमें उनकी आत्मा बसती है। अनुयायियों का कहना है कि घटना की असल गुनहगार प्रशासनिक अव्यवस्था है, जिस पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है। बाबा को जिम्मेदार ठहराने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि वह निर्दोष हैं।
हम बाबा के साथ हैं। वह पूरी तरह से निर्दोष हैं। प्रशासन की अव्यवस्थाओं से हादसा हुआ है, जिसकी वजह से सत्संग में शामिल लोगों और सेवादारों की जान चली गई। -चंद्रपाल, नयाबांस, जलाली
गांव के बाहरी युवाओं ने धक्का-मुक्की की, जिससे हादसा हुआ है। मैंने और मेरी पत्नी ने कई लोगों को गड्ढे से बाहर निकाला है। परमात्मा (भोले बाबा) में आज भी पूरी निष्ठा है।-परसादी लाल, नयाबांस, जलाली
मैं और मेरे पति भी भगदड़ में दब गए थे, लेकिन परमात्मा की कृपा से बच गए। मेरी दो पुत्रवधू भी साथ गईं थीं। इस हादसे के पीछे बाहरी लोगों का षड्यंत्र है, परमात्मा बाबा निर्दोष हैं।- श्रीदेवी, नयाबांस, जलाली
मेरे आराध्य भोले बाबा हैं। मेरी आस्था है उनमें। इस घटनाक्रम में वह बिल्कुल निर्दोष हैं। बाबा की कृपा की वजह से हम सभी बच गए हैं। असली गुनहगारों को बचाया जा रहा है।-रामपाल सिंह, जलाली