पहलवान विनेश फोगाट के डिस्क्वालिफाई होने के बाद अलीगढ़ में भी पहलवानों की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। पहलवानों ने मामले की निष्पक्ष जांच व भारतीय ओलंपिक संघ व खेल मंत्रालय से कठोर कदम उठाने की मांग की है।
पेरिस ओलंपिक में कुश्ती में स्वर्णिम चमक दिखाई दे रही थी, लेकिन पहलवान विनेश फोगाट के अयोग्य घोषित होने से प्रशिक्षु पहलवानों का दिल टूट गया। पहलवानों ने मामले की निष्पक्ष जांच व भारतीय ओलंपिक संघ व खेल मंत्रालय से कठोर कदम उठाने की मांग की है।
कई महीनों से कुश्ती में हो रही राजनीतिक उथल-पुथल से हमें बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। इस समय दुनिया को यह संदेश देना है कि भारतीयों में आपसी मतभेद कितना भी हो, लेकिन देश के मान, सम्मान व स्वाभिमान के लिए सब एक हैं। भारतीय ओलंपिक संघ व खेल मंत्रालय को कठोर कदम उठाना चाहिए। -मजहर उल कमर, सचिव, जिला ओलंपिक संघ
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पेरिस में भारतीय ओलंपिक की अध्यक्ष पीटी उषा विनेश फोगाट के मामले में खामोश क्यों रहीं। प्रतियोगिता के दौरान हम सभी तीन से चार किलो वजन घटा व बढ़ा लेते हैं। 100 ग्राम वजन से अयोग्य घोषित करना समझ से परे है। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ।-सृष्टि शर्मा, पहलवान
अंतरराष्ट्रीय रेसलिंग फेडरेशन ने भारतीय पहलवानों को नहीं, बल्कि देश को चुनौती दी है। भारत सरकार को इसमें सीधा हस्तक्षेप करते हुए उचित कार्रवाई करनी चाहिए। विनेश फोगाट के साथ नाइंसाफी हुई है। -गौरव कुमार शर्मा, पहलवान
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मेरी समझ में 100 ग्राम वजन एक बहाना है। असल में अंतरराष्ट्रीय रेसलिंग फेडरेशन की घिनौनी साजिश है, जिसकी जांच होनी चाहिए। बेइमानी करके हमें स्वर्ण पदक से रोका गया है। भारतीय रेसलिंग व ओलंपिक फेडरेशन के फैसले को चुनौती देनी चाहिए।-भगत सिंह बाबा , सचिव जिला कुश्ती संघ
पेरिस ओलंपिक में भारतीय पहलवान के साथ पक्षपात हुआ है। भारतीय रेसलिंग फेडरेशन से मांग करते हैं कि वह अंतरराष्ट्रीय रेसलिंग फेडरेशन के निर्णायकों की जांच करवाए। कुश्ती के माध्यम से भारतीयों को खुली चुनौती दी है।-पहलवान विष्णु कुमार, कोल