कर्मचारियों की पत्नियों ने बताया कि पतियों की नौकरी चली जाने और वेतन बंद करने देने से उनके घर का बजट बिगड़ गया है। राशन-पानी से लेकर बच्चों की फीस तक की दिक्कत पैदा हो गई है, लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन कुछ नहीं कर रहा है।
एएमयू से नौकरी से निकाले जाने और वेतन बंद करने के विरोध में कुलसचिव कार्यालय के सामने धरना दे रहे दैनिक कर्मचारियों के साथ उनकी पत्नियां भी आ गई हैं। उन्हें वहां से हटाने के लिए यूनिवर्सिटी की महिला सुरक्षाकर्मी भी आ गईं। इसको लेकर प्रॉक्टोरियल टीम से नोकझोंक हो गई।
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कर्मचारियों की पत्नियों ने बताया कि पतियों की नौकरी चली जाने और वेतन बंद करने देने से उनके घर का बजट बिगड़ गया है। राशन-पानी से लेकर बच्चों की फीस तक की दिक्कत पैदा हो गई है, लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन कुछ नहीं कर रहा है।
कर्मचारी आफाक अहमद ने बताया कि सेंटर में कार्यरत मोहम्मद मुईन, नाजरीन अफसर, तारिक अली को निकाल दिया गया, जबकि राशिद अली, मोहम्मद खालिद, मुसर्रत अली, मोहम्मद राशिद, मोहम्मद आजम, इशहार अहमद, मोहम्मद शाकिर, सलीम अहमद सिराज, वसीम अली, रिंकू कुमार, अजय कुमार, सैयद मुजम्मिल अली का वेतन रोक दिया गया है, जबकि एमएमएमटीटीसी के पास 83 लाख रुपये हैं। शनिवार को यूनिवर्सिटी में चल रहे मदन मोहन मालवीय टीचर्स ट्रेनिंग सेंटर (एमएमएमटीटीसी) से निकाले गए कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर धरना शुरू किया था।
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ईयर बैक लगने पर फिर किया सड़क जाम
एएमयू के इंजीनियरिंग कॉलेज के बीटेक के छात्रों ने 7 अगस्त को फिर से सड़क पर जाम लगा दिया। बीटेक के प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्रों ने सड़क पर बाइक खड़ी कर दी, जिससे जाम लगा दिया। उनकी क्रेडिट कम होने से उनकी ईयर बैक लग गई है। जेएन मेडिकल कॉलेज सहित अन्य विभाग की तरफ आने-जाने वाले लोगों को दूसरे रास्तों से जाना पड़ा।