पूर्ति विभाग ने जिले के 150 अपात्र किसानों के राशन कार्ड निरस्त कर दिए हैं। यह लोग समृद्ध होते हुए भी राशन वस्तुओं का लाभ ले रहे थे। इनके आय प्रमाणपत्रों एवं सरकारी क्त्रस्य केंद्रों पर बेचे गए गेहूं के आंकड़ों से इसका खुलासा हुआ। बताया जाता है कि इन किसानों ने क्रय केंद्रों पर तीन लाख रुपये से अधिक का गेहूं बेचा है। कुछ और संदिग्ध भी चिन्हित किए गए हैं। इनकी जांच चल रही है। जांच के उपरांत कुछ और किसानों के राशन कार्ड निरस्त हो सकते हैं।
कोरोना काल से पहले महीने में एक बार राशन वितरण की व्यवस्था थी। पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को दो रुपये किलो के हिसाब से गेहूं व तीन रुपये किलो के हिसाब से चावल मिलने की व्यवस्था के तहत पांच किलो प्रति यूनिट राशन दिया जाता था। जबकि अंत्योदय कार्ड धारकों को एक मुश्त 35 किलो राशन मिलता था। कोरोना काल में सरकार महीने में दो बार राशन बांट रही है। इसमें पांच से लेकर 15 तारीख तक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में मुफ्त राशन वितरित किया जाता है। दूसरे चरण में 20 से 30 तारीख तक राशन वितरण होता है। पिछले दिनों सरकार ने राशन कार्ड धारकों के लिए आय प्रमाण पत्र अनिवार्यता कर दी है। इसमें देहात क्षेत्र में अधिकतम दो लाख व शहरी क्षेत्र में तीन लाख तक सालाना आय का मानक निर्धारित किया गया। जांच हुई तो पता चला कि कई अपात्र किसान राशन व्यवस्था का लाभ उठा रहे हैं। इनमें से कई ने सरकारी क्रय केंद्रों पर तीन लाख या उससे ज्यादा का गेहूं बेचा है। जिला पूर्ति अधिकारी राजेश सोनी ने बताया कि ज्यादा आय वाले 150 अपात्र किसानों के राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं। कुछ और संदिग्धों की जांच चल रही है।
अब 17 तक बंटेगा मुफ्त राशन
अलीगढ़। जिला पूर्ति अधिकारी राजेश सोनी ने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में अब 17 सितंबर तक मुफ्त अनाज बंटेगा। पूर्व में वितरण 15 सितंबर तक होना था। लेकिन सरकार ने यह तिथि दो दिन बढ़ा दी है। उन्होंने राशन से वंचित कार्ड धारकों से राशन लेने की अपील की है।