कोरोना एवं डेंगू के बाद अब जीका वायरस का डर बढ़ गया है। बुखार से पीड़ित महिला के शरीर पर चकत्ते देखकर डॉक्टरों की चिंता बढ़ गई। प्राथमिक जांच में जीका वायरस के लक्षण नहीं दिखने पर चिकित्सक राहत महसूस कर रहे हैं।
शहर की एक कॉलोनी की बुखार से पीड़ित महिला को रविवार को पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय के इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। महिला के शरीर पर चकत्ते निकल आए हैं। अधिकारी एवं कर्मचारी महिला का नमूना लेकर जीका वायरस की जांच कराने के लिए लखनऊ भेजने पर विचार कर रहे थे। हालांकि, चिकित्सकों द्वारा की गई जांच-पड़ताल के बाद अधिकारियों को राहत मिली है। सीएमएस डॉ. अनुपम भास्कर ने बताया कि चिंता की कोई बात नहीं है। अब महिला को बुखार नहीं है। उसका प्लेटलेट्स भी दो लाख हैं। जीका वायरस का कोई लक्षण नहीं है। हम लोग मरीज पर नजर बनाए हुए हैं। महिला का कोई यात्रा इतिहास भी नहीं है।
जीका के लक्षण
- सिर दर्द व बुखार का होना
- जोड़ों में दर्द व सूजन
- आंखों का लाल होना
- त्वचा पर लाल चकत्ते उभरना
जीका से कैसे बचें
- जीका फैलाने वाला मच्छर रुके हुए साफ पानी में पनपता है। यह सुनिश्चित किया जाए कि आपके घर में या आसपास पानी तो जमा नहीं है (कूलर, पानी की टंकी, फ्री की ट्रे, फूलदान, टूटे हुए बर्तन, टॉयर आदि)
- पानी से भरे हुए बर्तनों व टंकियों आदि को ढककर रखें
- कूलर को खाली रखें
- जीका मच्छर दिन में काटता है, ऐसे कपड़े पहने जो बदन को पूरी तरह ढके
- सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें