गुरुवार को टीम ने विभिन्न दुकानों, ठेलों से 15 नमूने रायते और दही के भरे। सभी को जांच के लिए लखनऊ लैब भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रिपोर्ट में पुष्टि होने के बाद मुकदमे की कार्रवाई शुरू होगी।
शहर के कचौड शहर के गली-मोहल्लों, मुख्य बाजारों में बिकने वाली कचौड़ी को खाने और रायता पीने के शौकीन सावधान हो जाएं। कचौड़ी विक्रेता लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। रायते को दही के बजाए पोस्टर कलर से बनाया जा रहा है। एफडीए की टीम ने कचौड़ी विक्रेताओं के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है।
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गुरुवार को टीम ने विभिन्न दुकानों, ठेलों से 15 नमूने रायते और दही के भरे। सभी को जांच के लिए लखनऊ लैब भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रिपोर्ट में पुष्टि होने के बाद मुकदमे की कार्रवाई शुरू होगी।
जिला अभिहित अधिकारी सर्वेश कुमार मिश्रा ने बताया कि एफडीए विभाग को मुखबिर से सूचना मिली है कि कचौड़ी विक्रेता रायता बनाने में पोस्टर कलर का उपयोग कर रहे हैं। यह बेहद खतरनाक है।
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मुखबिरी के आधार पर मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय प्रधान के नेतृत्व में अलीगढ़ शहर के विभिन्न मोहल्लों में स्थित कचौड़ी विक्रेताओं के यहां से रायता/दही के कुल 15 नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए हैं।
समस्त कचौड़ी वालों एवं खाद्य कारोबारियों को निर्देशित किया गया कि यदि रायता बनाने में प्रतिबंधित पदार्थों यथा पोस्टर कलर आदि का प्रयोग होता पाया जाता है तो उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जांच दल में खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओमवीर सिंह, प्रमोद कुमार यादव, प्रभु चौधरी, अमर बहादुर सरोज, मनोज कुमार सरोज उपस्थित रहे।