कृषि कानूनों के विरोध में गांधी स्मारक पार्क में क्रमिक धरने पर बैठे किसानों ने सोरम की घटना पर निंदा प्रस्ताव पारित किया है। कहा कि भाजपा गुंडागर्दी पर उतर आई है। जिन किसानों के वोट से सरकार बनी उन्हीं के खिलाफ कानून बना दिया गया। विरोध करने पर मारपीट की जा रही है। चेताया कि किसानों ने आपा खो दिया तो भाजपा के नेताओं को मुंह छिपाने लायक जगह नहीं मिलेगी।
मंगलवार को धरने की अध्यक्षता पालीराम जाटव पूर्व प्रधान व संचालन सत्येंद्र सिंह ने किया। वक्ताओं ने कहा कि सोरम घटना की जितनी निंदा की जाए कम है। भाजपा के मंत्री गुंडों को साथ लेकर चल रहे हैं। पुलिस व मंत्री के सामने किसानों से मारपीट की गई।
मारपीट करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। कहा कि इस तरह की सभी घटनाएं सुनियोजित हैं। किसानों को बदनाम कर आंदोलन कुचलने की साजिश की जा रही है। कहा कि जल्द ही दलित, मजदूर समेत सर्व समाज की पंचायत होगी। इसके लिए समिति जमीनी स्तर पर काम कर रही है।
धरने में शिवचरन सिंह, मास्टर उदयवीर सिंह, त्रिलोक सिंह, टूकी सिंह, मोहन सिंह, जगराम सिंह, धर्मपाल सिंह, रोशन सिंह, देवेंद्र सिंह, देवदत्त, चौधरी ज्ञान सिंह, अमीचंद सिंह, विनोद कुमार, धर्मवीर सिंह, फौरन सिंह, रौदास सिंह, जवाहर सिंह, कर्मवीर सिंह, जुगेंद्र सिंह, पूरन चंद, नगेंद्र सिंह, ओमप्रकाश, बाबू सिंह आदि मौजूद रहे।