कौड़ियागंज नगर पंचायत में नगरिया चाहरम पट्टी और शाहगढ़ ग्राम पंचायत को शामिल किए जाने की सुगबुगाहट के साथ ही विरोध भी शुरू हो गया है। दोनों ही ग्राम पंचायत के लोगों के नगर पंचायत में जाने से इंकार कर दिया है। इसके पीछे उन्होंने नगर पंचायत में विकास न होना बताया है। डीएम ने एडीएम प्रशासन को मामले की जांच सौंप दी है।
बीते दिनों छर्रा विधायक रवेंद्र पाल सिंह ने नगरिया चाहरम पट्टी और शाहगढ़ ग्राम पंचायत के शामिल किए जाने की मांग को लेकर शासन व सरकार को पत्र लिखा था। इस पत्राचार के बाद शासन ने प्रशासन को सर्वे का आदेश दिया। जैसे ही गांव में सर्वे शुरू हुआ। लोग इसके विरोध में आ गए हैं। नगरिया चाहरम पट्टी के पूर्व प्रधान सतेंद्र पाल व अन्य 20 लोगों ने अपने हस्ताक्षर कर डीएम को एक पत्र लिखा है
। इसमें उनका कहना है कि शासन द्वारा मांगी गई आख्या के लिए ग्राम पंचायतों में प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी सर्वे के लिए आए तो वह जनप्रतिनिधि के दबाव में गलत तथ्यों के साथ रिपोर्ट बना रहे हैं। गांवों में कोई भी शहरी सुविधा नहीं है। नगर पंचायत में शामिल होने से दोनों गांव के विकास में बाधा आएगी। साथ ही सतेंद्र पाल ने बताया कि दोनों गांव की दूरी कौड़ियागंज से 2.5 किलोमीटर है।
कौड़ियागंज नगर पंचायत से सिर्फ दो सौ मीटर दूरी पर रामपुर नगरा में खड़ंजा तक नहीं है। बरातघर 10 साल पहले बना था, उसकी आज तक पुताई नहीं कराई गई है। उसमें पशुओं को बांधा जाता है। इसलिए दोनों गांवों को कौड़ियागंज नगर पंचायत में शामिल नहीं कराना चाहते हैं। शाहगढ़, नगरिया और मॉनीपुर-रायपुर ग्राम पंचायत को मिलाकर एक नगर पंचायत बना दी जाए।