पुलिस की पाठशाला में जानकारी देते एएसपी सम्यक चौधरी
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अगर कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर ऐसी पोस्ट करता है जिससे आपकी छवि धूमिल हो सकती है, तो चुप न रहें। तुरंत अपने परिजनों और पुलिस को इसकी जानकारी दें। 28 फरवरी को अलीगढ़ के डीएस बाल मंदिर स्कूल में अमर उजाला के बैनर तले आयोजित पुलिस की पाठशाला में एएसपी सम्यक चौधरी ने यह बात कहीं।
उन्होंने विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए कहा कि पुलिस कभी भी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती। इस तरह की बातें साइबर अपराधियों द्वारा लोगों को डराने के लिए फैलाई जाती हैं। अगर किसी व्यक्ति से पूछताछ करनी होती है तो पुलिस उसे थाने या संबंधित अधिकारी के कार्यालय में बुलाती है, न कि फोन या वीडियो कॉल पर कार्रवाई करती है। उन्होंने कहा कि अनजान नंबर से आने वाली वॉयस या वीडियो कॉल रिसीव करने से बचें और किसी भी लुभावने ऑफर या उपहार के लालच में न आएं।
नकली पुलिस अधिकारी बनकर कॉल करने और तथाकथित डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराने-धमकाने की घटनाओं से सावधान रहने की सलाह दी। विद्यार्थियों ने पुलिसिंग व्यवस्था, शहर की जाम की समस्या, यूपीएससी परीक्षा से जुड़े सवाल भी पूछे, जिनका उन्होंने जवाब दिया। स्कूल की प्रधानाचार्य रचना गुप्ता ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर स्कूल प्रबंधक संजय सिंघल आदि मौजूद रहे।
क्या करें-क्या न करें
- साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर दें।
- अपनी व्यक्तिगत तस्वीरें सार्वजनिक रूप से साझा न करें।
- ब्राउजर में सोशल मीडिया अकाउंट में लॉग इन करते वक्त लॉग इन या रिमाइंडर मी को चेक न करें।
- अपनी जन्मतिथि, नाम, मोबाइल नंबर आदि का इस्तेमाल कभी पासवर्ड में न करें। किसी भी पॉपअप विज्ञापन पर गौर न करें।
- व्हाट्सएप पर आनी वाली एपीके फाइल न खोलें।