शहर के रामघाट रोड पर स्थित रघुवीर बाल मंदिर में बुधवार को अभिभावकों ने फीस की कुल आठ किश्तों में से दो किश्त माफ न किए जाने को लेकर हंगामा काटा। एक अभिभावक ने शिक्षकों के हाथों से कापियां, फार्म तथा रिजल्ट छीन लिए। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। अभिभावकों के माफी मांगने पर प्रबंधक ने कार्रवाई से इंकार कर दिया। लेकिन फार्म गायब होने के चलते देर शाम तहरीर देने की योजना बनाई जा रही थी।
बुधवार सुबह कुछ अभिभावक रघुवीर बाल मंदिर में फीस माफी को लेकर आवाज उठाई। अभिभावक विशाल चंद्रा ने बताया कि आठ किश्तों में पूरे साल की फीस जमा होती है। अन्य स्कूलों ने दो-दो महीनों की फीस माफ कर दी है। यहां भी फीस माफ करनी चाहिए। विवाद बढ़ा तो शिक्षकों और स्टाफ के हाथों से एक अभिभावक ने रिजल्ट, कापियां तथा नए सत्र के आवेदन फार्म छीन लिए।
सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर प्रबंधक पवन गुप्ता भी पहुंचे। उन्होंने बताया कि कॉपी, आवेदन फार्म और रिजल्ट छीनने पर पुलिस को कार्रवाई के लिए बुलाया गया था। अभिभावक ने माफी मांग ली तो कार्रवाई करने से मना कर दिया। देर शाम पता चला कि कई सारे फार्म गायब हैं। जिन्हें कोई भी भरकर जमा करा सकता है।
इसे लेकर जल्द ही तहरीर दी जाएगी। पवन गुप्ता ने कहा कि सरकार ने फीस माफी के लिए कोई निर्देश जारी नहीं किए हैं। अभिभावकों के कहने पर आठ मेें से एक किश्त माफ करने का आश्वासन दे दिया है। एक किश्त का मतलब लगभग पौने दो महीने की फीस नहीं ली जाएगी। इससे ज्यादा कुछ नहीं किया जा सकता है।
लेकिन कोई अभिभावक बदतमीजी करेगा। रिजल्ट छीनेगा, उस पर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। हंगामा करने वाले अभिभावकों में अमित, दीपक, पुनीत, राम, गुंजन वार्ष्णेय, सचिन वार्ष्णेय, ममता शर्मा, रूप किशोर, चंचल अग्रवाल, ममता अग्रवाल, गुंजन आदि मौजूद रहे।