प्रशासन ने की पीस कमेटी की बैठक
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बिटिया प्रकरण में जिला प्रशासन की पूरी कोशिश है कि जातीय तनाव को कम किया जाए और पंचायतें नहीं होने दी जाएं। इसे लेकर खुफिया विभाग लगातार सक्रिय है, लेकिन कुछ लोग आठ-दस के समूह में देहात में एकत्रित होकर इस मामले में बैठकें कर रहे हैं। इसकी जानकारी पाकर खुफिया तंत्र भी सतर्क हो गया है।
बिटिया प्रकरण में खुद प्रदेश सरकार ने दावा किया है कि इसकी आड़ में प्रदेश को जातीय दंगे में झोंकने की साजिश थी। इसके बाद सरकार सख्ती से पेश आई। इस जिले में ही दर्जन भर मुकदमे दर्ज किए गए। कई बड़े और छोटे नेता नामजद किए गए और कुछ नेताओं को अब चिन्हित किया जा रहा है। इस सख्ती के चलते बड़ी पंचायतें तो नहीं हो रहीं, लेकिन आठ-दस लोगों के समूह दोनों पक्षों के अलग-अलग स्थानों पर एकत्रित हो रहे हैं। ब
ड़ी पंचायतों पर रोक लगने के बाद इस तरह के समूहों के रूप में हो रहीं छोटी-छोटी पंचायतों को लेकर भी प्रशासन अलर्ट है और खुफिया तंत्र भी सक्रिय है। ऐसे लोगों को भी चिन्हित किया जा रहा है, जोकि इस स्थिति में फिजां खराब कर सकते हैं। पूरी स्थिति पर अधिकारी निगाह रखे हुए हैं।