डीआईजी ने परखी बिटिया के परिजनों की सुरक्षा व्यवस्था
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चंदपा की बिटिया के प्रकरण को लेकर विशेष ड्यूटी पर भेजे गए डीआईजी शलभ माथुर नेबिटिया के परिजनों से मुलाकात कर उनकी सुरक्षा व्यवस्था के बारे में पूछा। इस परबिटिया के परिजनों ने संतुष्टि जताई। एनएच से लेकर बिटिया के गांव तक फिर काफी संख्या में पुलिस बल नजर आया।
बिटिया के प्रकरण में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर डीआईजी शलभ माथुर की यहां तैनाती की गई है। ऐसे में शुक्रवार को डीआईजी ने बिटिया के गांव पहुंचकर पूरी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने यह देखा कि बिटिया के घर पर सुरक्षा की क्या स्थिति है। वहां मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों से भी उन्होंने पूछताछ कर जानकारी हासिल की। डीआईजी ने बिटिया के परिजनों से पूछा कि वह सुरक्षा व्यवस्था से संतुष्ट हैं तो परिजनों ने भी संतुष्टि जताई। डीआईजी ने बताया कि परिजनों ने सुरक्षा को लेकर संतुष्टि जताई है। बिटिया के घर पर मेटल डिटेक्टर लगा हुआ है और वहां सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं। हर आने-जाने वाले पर पुलिसकर्मियों की निगाह रहती है।
एसआईटी की जांच में तेजी, ग्रामीणों, पुलिसकर्मियों से फिर पूछताछ
बिटिया के प्रकरण में एसआईटी की जांच में तेजी आ रही है। एसआईटी ने शुक्रवार को भी पुलिस लाइन में कई पुलिसकर्मियों और कुछ ग्रामीणों से पूछताछ की और उनके बयान लिए। लोगों को यह भी जानकारी मिली कि एसआईटी घटनास्थल पर पहुंचकर वारदात के दृश्य को रीक्रिएट करेगी। इसके मद्देनजर काफी मीडियाकर्मी भी वहां जुट गए, लेकिन देर शाम तक एसआईटी वहां नहीं पहुंची।
उल्लेखनीय है कि इस चर्चित मामले में योगी सरकार ने एसआईटी का गठन कर रखा है, जोकि इसकी तह तक छानबीन कर रही है। एसआईटी की पहली रिपोर्ट पर ही तत्कालीन एसपी, सीओ सिटी और कोतवाल सहित छह पुलिसकर्मी निलंबित हुए थे। एसआईटी की जांच-पड़ताल लगातार इसे जारी है। कई बार बिटिया के गांव भी जा चुकी है। घटनास्थल भी देख चुकी है और तथ्यों की जानकारी कर चुकी है। बृहस्पतिवार को टीम ने 40 ग्रामीणों को नोटिस देकर बुलाया था। ऐसे में सूत्रों की मानें तो कुछ ग्रामीण पुलिस लाइन पहुंचे और वहां बयान दर्ज कराए। कुछ अन्य पुलिसकर्मियों के भी बयान हुए। सुबह यह भी हल्ला मचा कि एसआईटी वारदात स्थल पर जाकर दृश्य को रिक्रिएट करेगी। वहां मीडिया कर्मी भी एकत्रित हो गए, लेकिन देर शाम तक टीम नहीं आई।